करज़ई ने माना - 'तालिबान से चर्चा हुई', तालिबान का खंडन

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Image caption तालिबान राष्ट्रपति हामिद करज़ई की सरकार को मान्यता नहीं देता है

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर माना है कि उनकी सरकार ने तालिबान (और अमरीका) के साथ त्रिपक्षीय बातचीत की है.

महत्वपूर्ण है कि ये पहला मौका है जब अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने ये बात मानी है लेकिन तालिबान ने इस बात का खंडन किया है कि किसी तरह की अफगानिस्तान की सरकार से किसी तरह की बातचीत हो रही है.

तालिबान के एक प्रवक्ता जबिउल्लाह माजाहिद ने कहा है कि इस मुद्दे पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है करज़ई की सरकार से बातचीत की जाए या नहीं क्योंकि तालिबान करज़ई सरकार को अब भी 'कठपुतली सरकार' मानता है.

अहमदीनेजाद की मौजूदगी

हामिद करजई पाकिस्तान में है और शुक्रवार को अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान के बीच त्रिपक्षीय बातचीत होनी है जिसमें ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद भी भाग लेंगे.

गुरुवार को छपे के इंटरव्यू में करजई ने माना, "अमरीकी सरकार और तालिबान के बीच संपर्क हुआ है और अफगानिस्तान की सरकार और तालिबान के बीच भी संपर्क हुआ है. तालिबान समेत हम सभी ने कुछ संपर्क साधा है...पाकिस्तान के सहयोग से ये प्रक्रिया और आसान बन सकती है."

लेकिन पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत उमर दॉदजई ने इसके बाद कहा, "ये शुरुआती संपर्क थे...ये बातचीत नहीं है, हम उस स्तर पर अभी नहीं पहुँचे हैं."

महत्वपूर्ण है कि करजई की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी से बातचीत हो चुकी है और पर्यवेक्षकों का मानना है कि संभवत: अफगानिस्तान उन तालिबान नेताओं से संपर्क चाहेगा जो पाकिस्तान में हैं.

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी के अलीम मकबूल का कहना है कि ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के पाकिस्तान पहुँचने के बाद तालिबान के साथ बातचीत के मुद्दे पर उनकी मौजूदगी हावी हो सकती है.

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