'राष्ट्रपति शासन है तो अदालत भी है'

मुलायम सिंह यादव
Image caption मुलायम सिंह यादव चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए लोगों से वोट मांग रहे हैं

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव का कहना है कि अगर चुनाव बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का कोई प्रयास हुआ तो वो इसके खिलाफ अदालत का सहारा लेंगें.

यह बयान यादव ने उत्तर प्रदेश के कन्नौज के छिबरामऊ में एक आम सभा को संबोधित करने के बाद बीबीसी से खास बातचीत में दिया.

ज्ञात हो कि भाजपा और कॉंग्रेस के कई नेता बार बार राज्य में जारी चुनावों में किसी को बहुतमत ना मिलने की बात कह कर राष्ट्रपति चुनाव कि तरफ इशारा कर रहे हैं.

इस तरह की चर्चाओं पर मुलायम सिंह यादव साफ़ कहते हैं,“अगर राष्ट्रपती शासन है तो सुप्रीम कोर्ट भी तो बैठा है.”

'पूर्ण बहुमत मिलेगा'

चुनाव बाद के समीकरणों पर बात करने पर यादव विशवास जताते हैं कि उनकी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलेगा. यादव ने कहा कि , ‘पहले तीन चरण के चुनाव में समाजवादी पार्टी को भारी बहुमत मिला है. आधे में अकेली समाजवादी पार्टी है और आधे में बाकी सब पार्टियां.”

यह पूछने पर कि वे ऐसा किस आधार पर कह रहें हैं श्री यादव ने कहा, “आप जैसे सीनियर पत्रकारों ने बताया, जो अधिकारी चुनाव में लगे हैं उन्होंने बताया और जनता में जो जोश है उसे देखकर कार्यकर्ताओं ने बताया.”

अखबारों में एक दिन पहले छपे यादव के इस बयान की याद दिलाने पर कि बीजेपी को रोकने के लिए सपा काँग्रेस को समर्थन दे सकती है, यादव ने जोर देकर कहा कि ,“कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के मिलकर सरकार बनाने का सवाल ही नही उठता.”

यादव ने कहा कि उन्होंने ऐसा नही कहा था, यह बात पत्रकारों ने फैलाया. उनकी पार्टी ने अखबारों को इसका खंडन भी भेजा है.

भीड़ पर भरोसा

उनसे फिर सवाल किया गया कि अगर समाजवादी पार्टी की सीटें कम पड़ गयीं तो वह क्या करेंगे?

इसके जवाब में श्री यादव ने दोहराया, “ सीटें कम होने का सवाल ही नही उठता. स्पष्ट बहुमत आएगा. पूरा विश्वास है जनता पर.”

फिर चारों ओर खड़े जन समुदाय की ओर इशारा करके वह बोले , “भीड़ देख रहें हैं.”

उनसे आखिरी सवाल राहुल गाँधी के चुनाव अभियान पर किया गया, लेकिन उन्होंने राहुल पर कुछ नही कहना है कहते हुए टिपण्णी करने से इनकार कर दिया.

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