इतिहास के पन्नों में 18 फरवरी

इतिहास के पन्ने पलटें तो 18 फरवरी का दिन कई वजहों से याद किया जाएगा. इसी दिन वर्ष 2007 में दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस में बम धमाके से 68 लोग मारे गए. इसी दिन वर्ष 1996 के दिन लंदन के वेस्ट एन्ड इलाके में एक डबल-डेकर बस में बम धमाके से तीन लोगों की मौत हो गई और आठ घायल हो गए.

2007: समझौता एक्सप्रेस में धमाका, 68 की मौत

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Image caption धमाके की वजह से दो बोगियों में आग लग गई और कई लोग घायल हुए थे.

18 फरवरी 2007 की रात दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस में बम धमाके से 68 लोग मारे गए थे.

धमाके की वजह से ट्रेन की दो बोगियां बुरी तरह से जल गईं थी. मरने वालों में ज़्यादातर पाकिस्तानी नागरिक थे जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे थे.

ट्रेन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी और क़रीब एक घंटे के बाद ही हरियाणा के पानीपत से कोई दस किलोमीटर पहले सिवाह गाँव में ये हादसा हुआ.

भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौते के तहत जून, 1976 से समझौता एक्सप्रेस चलनी शुरू हुई थी.

शुरुआत में समझौता एक्सप्रेस अमृतसर और लाहौर के बीच चला करती थी. बाद में सुरक्षा कारणों की वजह से व्यवस्था बदली गई और मई, 1994 से ये दिल्ली से अटारी और अटारी से लाहौर के बीच दो हफ्ते में एक बार चलने लगी.

1996: लंदन की बस में धमाका, तीन की मौत

Image caption धमाके में आईआरए के एक सदस्य का हाथ पाया गया था.

18 फरवरी 1996 के दिन लंदन के वेस्ट एन्ड इलाक़े में एक डबल-डेकर बस में बम धमाके से तीन लोगों की मौत हो गई और आठ घायल हो गए.

धमाका तब हुआ जब बस रक्षा मंत्रालय की इमारत के पास से गुज़र रही थी. धमाका इतना ज़ोरदार था कि उसकी आवाज़ आठ किलोमीटर दूर तक सुनाई देने की ख़बरें आईं.

स्कॉटलैंड यार्ड के मुताबिक़ हमला रात पौने ग्यारह बजे हुआ जिसके बाद आसपास के मेट्रो स्टेशन और सड़क के कई रास्ते बंद कर दिए गए.

धमाके से कुछ ही दिन पहले आइरिश रिपब्लिकन आर्मी (आईआरए) ने अपना संघर्ष-विराम ख़त्म करते हुए लंदन के डॉकलैन्ड्स इलाक़े में बम धमाका किया था जिसमें दो लोग मारे गए थे.

बस में हमले की घटना की तहक़ीक़ात में भी बाद में आईआरए के एक हमलावर का ही हाथ पाया गया.

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