इतिहास के पन्नों में 20 फरवरी

इतिहास में 20 फरवरी की तारीख के नाम कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं. इसी दिन भारतीय राज्य असम में हुई चुनावी हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए थे और सोवियत रूस ने अंतरिक्ष स्टेशन मीर का प्रक्षेपण किया था.

1983: असम में चुनावी हिंसा में सैकड़ों जानें गईं

Image caption भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कहा था कि किसी को चुनाव प्रक्रिया रोकने का अधिकार नहीं है.

भारत के उत्तर पूर्वी राज्य असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भड़की व्यापक हिंसा में 20 फ़रवरी को क़रीब 600 लोगों की मौत हो गई थी.

सरकार के खिलाफ हिंसा पर उतारु हुए लोग गैरकानूनी प्रवासियों का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने से नाराज़ थे और छात्र चुनावों का विरोध कर रहे थे.

ये कथित प्रवासी पड़ोसी देश बांग्लादेश से आकर असम में रह रहे थे.

सरकार विरोधी लोगों ने कई गांवों में आग लगा दी गई थी, पुल तोड़ डाले थे और सरकारी दफ्तरों को जला दिया था.

राज्य के नेल्ली इलाके में आदिवासियों ने सैकड़ों लोगों पर हथियारों से हमला कर दिया था जिनमें से कई लोगों की मौत हो गई थी.

भारत के प्रतिष्ठित अखबार द हिंदू ने खबर छापी थी कि असम के कुछ नौकरशाहों ने सुरक्षा संबंधी चिंता की वजह से चुनावी ड्यूटी से इनकार कर दिया था.

भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कहा था कि किसी को भी ये अधिकार नहीं है कि वो चुनाव प्रक्रिया में बाधा डाले.

चुनावी हिंसा के साथ-साथ कुछ इलाकों में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भी हुई थी जिसमें भी कुछ लोग मारे गए थे जबकि कुछ लोगों की मौत सुरक्षा बलों की गोलीबारी में हुई थी.

इस हिंसा के दौरान क़रीब 6,000 लोग बेघर हो गए थे और हज़ारों लोगों ने पड़ोसी राज्यों पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश में शरण ली थी.

1986: सोवियत रूस ने मीर अंतरिक्ष केंद्र का प्रक्षेपण किया.

Image caption मीर पर पंद्रह साल के दौरान लगातार अंतरिक्ष यात्री रहे थे.

इसी दिन सोवियत संघ ने साल 1986 में अंतरिक्ष केंद्र 'मीर' का प्रक्षेपण कर अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक नए चरण की शुरुआत की थी.

ये अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा अंतरिक्ष केंद्र था.

मीर के सफल प्रक्षेपण से तीन हफ्ते पहले ही अमरीकी अंतरिक्ष यान चैलेंजर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें सात अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे.

रूसी भाषा में मीर का अर्थ शांति और विश्व होता है.

इस अंतरिक्ष केंद्र में एक साथ सात से दस अंतरिक्ष यात्री से रह सकते थे जिसका मकसद स्थायी रूप से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे अंतरिक्ष स्टेशन के लिए बेस की तरह काम करना था.

इसके अलावा इसके शक्तिशाली कैमरों से पृथ्वी की तस्वीरें भी भेजी जा सकती थी और धरती के भीतर खनिजों की स्थित का पता भी लगाया जा सकता था.

संबंधित समाचार