नेपाल: 'सेक्स' खिलौनों का बाजार गरम

Image caption नेपाल में सेक्स खिलौनों की दुकानों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है

नेपाल की राजधानी काठमांडू के प्रमुख बाजार के बीचोंबीच एक रूढ़िवादी समाज में होती 'सांस्कृतिक क्रांति' को देखा जा सकता है.

एक ऐसे समाज में जहां सेक्स के बारे में सार्वजनिक चर्चा अब भी नहीं होती है, वहीं मंजीत पौडेल और प्रवीण ढकाल ने सेक्स से संबंधित खिलौनों की दुकान खोल रखी है और लाखों रुपए का व्यापार कर रहे हैं.

दो साल पहले इन लोगों ने ‘स्वीट सीक्रेट’ नाम की दुकान खोली थी जो कि नेपाल में सेक्स खिलौनों की पहली पंजीकृत दुकान है.

इस दुकान ने इतना अच्छा कारोबार दिखाया कि उन्होंने दो अन्य शहरों में भी ऐसी ही दुकानें खोल दीं...और जल्दी ही वे अन्य शहरों में भी इसका विस्तार करने की योजना बना रहे हैं.

इस दुकान में सुगंधित कंडोम से लेकर बड़े आकार की गुड़िया तक करीब 150 उत्पाद बेचे जाते हैं. इनमें से ज्यादातर सामान चीन से आयातित हैं.

'रोज़ान 100 ग्राहकों में 10 महिलाएँ'

यही नहीं, दुकान से होने वाली आमदनी भी काफी आकर्षक है. प्रवीण ढकाल बताते हैं कि अकेले काठमांडू की दुकान में उनकी हर महीने करीब तीन से चार लाख रुपए की बिक्री है.

वे कहते हैं, “हमने जब दुकान खोली थी तो हम बहुत चिंतित थे कि कहीं इसका विरोध न हो और लोग हमारे खिलाफ प्रदर्शन न करें. लेकिन हमारे लिए ये खुशी की बात है कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.”

वैसे इन लोगों को इस बारे में चिंता करने की पर्याप्त वजह भी थी क्योंकि जब वे दुकान के पंजीकरण के लिए अधिकारियों के पास गए तो इनसे तमाम तरह के सवाल पूछे गए.

आखिरकार अधिकारी उन्हें सेक्स खिलौने बेचने के लिए एक शो रूम खोलने की इजाजत देने पर सहमत हो गए.

पंजीकरण के समय इन लोगों ने अपना जो मकसद बताया था, ढकाल उसे पढ़कर सुनाते हैं, “विभिन्न प्रकार के कृत्रिम पुरुष और महिला यौन अंगों को आयात करना और उन्हें बेचना. साथ ही इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि इसका समाज पर कोई बुरा असर न पड़े.”

Image caption दुनिया के कई देशों में सेक्स खिलौनों की बिक्री आम है

‘स्वीट सीक्रेट’ नामक दुकान हालांकि शहर के बीचोंबीच है, लेकिन ग्राहकों को एक सँकरी गली से होकर वहां जाना पड़ता है.

ढकाल बताते हैं, “काठमांडू में हमारी दुकान पर रोज करीब सौ लोग आते हैं और इनमें दस प्रतिशत महिलाएं होती हैं.”

महिला ग्राहकों या फिर उन ग्राहकों को जिन्हें इस बारे में बात करने में झिझक होती है, उनकी सुविधा के लिए ऑनलाइन बिक्री भी की जाती है. दुकान से एक तिहाई खरीददारी ऑनलाइन ही होती है.

ग्राहक प्रोफाइल

मंजीत पौडेल बताते हैं, “दुकान में आने वाले ग्राहक ज्यादातर 35 साल के आसपास की उम्र के होते हैं. ये लोग जो सामान खरीदते हैं उनमें कंडोम, वाइब्रेटर और गुड़ियां शामिल हैं.”

पौडेल का कहना है कि ज्यादातर ग्राहक ऐसे होते हैं जिनके जीवनसाथी काम-धाम के सिलसिले में बाहर रहते हैं.

दुकान मालिकों के मुताबिक उनके पास अक्सर दूसरे देशों में रह रहे नेपाली युवकों के फोन और ऑनलाइन ऑर्डर आते हैं. ये लोग सेक्स खिलौनों को घर में अकेली रह रही अपनी पत्नियों के लिए खरीदते हैं.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में करीब 20 लाख युवक दूसरे देशों में रहते हैं.

सामाजिक पहलू

समाज वैज्ञानिकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में युवकों का इस उम्र में बाहर रहना तमाम सामाजिक सवाल खड़े करता है. साथ ही ये विवाहेतर संबंधों को हवा देता है.

नेपाली संस्कृति के जानकार मुकुंद राज आर्यल कहते हैं, “ये स्वाभाविक है कि जब इस उम्र में युवाओं को अपने जीवनसाथी से अलग रहना पड़ेगा तो विवाहेतर संबंध बनते हैं.”

ढकाल कहते हैं कि ये सामग्री बेचकर वो उन दंपतियों की सहायता कर रहे हैं जिन्हें अलग रहना पड़ रहा है और ऐसा करके वे परिवारों को टूटने से बचा रहे हैं.

आर्यल का कहना है कि हाल के वर्षों में नेपाल में उपभोक्ता संस्कृति का जबर्दस्त विकास हुआ है. स्वीट सीक्रेट भले ही इस तरह की पंजीकृत दुकान हो, लेकिन ऐसे सामान पहले भी मिलते थे.

यही नहीं, नेपाल के संस्कृति मंत्रालय में संयुक्त सचिव रह चुके कृष्ण श्रेष्ठ कहते हैं कि वे तो नेपाल में एक सेक्स संग्रहालय खोलना चाहते हैं.

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