'जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध हो सार्वजनिक कार्रवाई'

 शुक्रवार, 24 फ़रवरी, 2012 को 01:14 IST तक के समाचार
अफग़ानिस्तान

अफग़ानिस्तान ने नैटो से मांग की है कि क़ुरान की प्रतियां जलाने के ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सार्वजनिक रूप से कार्रवाई की जाए.

गुरूवार देर शाम राष्ट्रपति हामिद करज़ई के मीडिया कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि नैटो ने इस तरह की कार्रवाई के लिए हामी भरी है.

हालांकि नैटो के आश्वासन के बारे में अलग से पुष्टि नहीं हो पाई है.

काबुल से बीबीसी संवाददाता सईद अनवर का कहना है कि प्रेस विक्षप्ति संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट के सौंपे जाने के बाद देर शाम जारी की गई.

रिपोर्ट

ये दल बगराम अड्डे पर क़ुरान की प्रतियां जलाए जाने के मामले के सामने आने और उसके ख़िलाफ़ देश भर में उठे घोर विरोध और अमरीका-विरोधी प्रदर्शनों के बाद तैयार किया गया था.

हुकुमत, ऊलमा कौंसिल और संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को मिलाकर तैयार किए गए इस जांच दल ने पूरे मामले की छानबीन की है और अपनी सिफारिशों के साथ रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है.

हामिद करज़ई के मीडिया कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है, "इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाए जाने और उन्हें सज़ा दिए जाने की मांग पर नैटो अधिकारियों ने वायदा किया है कि उन्हें जल्द से जल्द अदालत के सामने पेश किया जाएगा."

संयुक्त जांच दल ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि नैटो ने ये भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इस तरह की कोई घटना नहीं होगी.

सिफ़ारिशों में बगराम अड्डे को अफग़ान हुकुमत के हवाले किए जाने की बात भी कही गई है.

माफ़ी

राष्ट्रपति के मीडिया कार्यालय से जारी इस बयान के पहले दिन में जारी एक अन्य विक्षप्ति में कहा गया था कि अमरीकी अड्डे पर क़ुरान की प्रतियां जलाने की घटना पर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने माफ़ी मांगी है.

बयान के अनुसार बराक ओबामा ने ऐसा हामिद करजई को लिखी गई एक चिट्ठी में कहा है.

कहा गया था कि अमरीकी राष्ट्रपति ने इस घटना को 'गैर इरादतन' बताया है और वायदा किया है कि मामले की पूरी पड़ताल की जाएगी.

ओबामा ने अपने पत्र में कहा है, ''बताई गई घटना पर मैं अपना गहरा शोक प्रकट करना चाहता हूं. मैं आपसे और अफगानिस्तान के लोगों से माफी मांगता हूं. असावधानी की वजह से ये भूल हुई.''

विरोध

क़ुरान की प्रतियां जलाने के विरोध में अफगानिस्तान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम आठ और लोग मारे गए हैं जिनमें नैटो के दो सैनिक भी शामिल हैं. इसमें कई लोग घायल भी हुए हैं.

नैटो के इन सैनिकों को पूर्वी प्रांत ननगहार में अमरीकी-अफगान सैन्य ठिकाने पर एक प्रदर्शनकारी ने गोली मारी जिसने अफगान सेना की वर्दी पहन रखी थी.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एक मस्जिद ने स्थानीय लोगों से हमला करने का आह्वान किया है.

इसबीच तालिबान ने पवित्र कुरान के 'अपमान' का बदला लेने के लिए पश्चिम के लोगों को मारने का आह्वान किया है.

इससे पहले बुधवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में भी सात लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हो गए थे.

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