यूपी में हर तरफ 'वादों' के भत्ते

 ब्रजबाला गुप्ता
Image caption आगरा की सेवायोजन अधिकारी ब्रजबाला गुप्ता के कार्यालय में बेरोजगारों की लंबी कतारें रोज़ लगने लगीं हैं

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के चुनावी वादों के चलते सरकार के रोजगार कार्यालयों में पंजीकरण कराने वालों की संख्या बढ़ गयी है.

शिक्षित बेरोजगारी भत्ता और लैपटॉप या टैबलेट पाने की उम्मीद में स्नातक तो क्या इंटर पास लड़के–लडकियां भी अपना नाम रोजगार दफ्तरों में दर्ज करवा रहें हैं.

आगरा की सेवायोजन अधिकारी ब्रज बाला गुप्ता ने बताया कि, “पंजीकरण सामान्य से कुछ ज्यादा ही हो गया है. बेरोजगारी भत्ते की वजह से काफी पंजीकरण स्नातक–परास्नातक का बढ़ गया है. जैसा कि सपा ने कहा है कि हमारी सरकार आने पर एक हजार रुपया महीने बेरोजगारी भत्ता मिलेगा. भाजपा ने भी घोषणा की है कि हमारी सरकार आने पर दो हजार मिलेगा.”

बेरोजगारी भत्ते और इंटर पास लड़कियों के लिए कन्या विद्या धन की शुरुआत मुलायम सिंह यादव की पिछली सरकार ने की थी. इसके बाद मायावती सरकार ने इसे समाप्त कर दिया था.

बेरोजगारी भत्ते के लिए रोजगार दफ्तर में पंजीकरण जरूरी होता है.

ब्रजबाला का कहना है कि इस बार इंटर पास लड़के लडकियां भी लैपटाप और टेबलेट कम्प्यूटर पाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रहें हैं.

कुछ तो मिलेगा

रोजगार दफ्तर में सुबह से ही पंजीकरण कराने वालों की लाइन लग जाती है. पंजीकरण का समय तीन बजे खत्म होता है और उस समय भी कई लड़के लड़कियां अपना फ़ार्म जमा कर रहें थे.

अंग्रेजी से एम. ए बबिता माहौर और बीए, बीएड रेनू ने कहा कि वह इसीलिए रजिस्ट्रेशन करवा रही हैं कि अगर नौकरी नहीं तो कम से कम कुछ भत्ता तो मिलेगा.

इस भत्ते से नौकरी के लिए फ़ार्म भरने और मोबाइल फोन का खर्च तो माँ बाप से नही लेना पडेगा.

ख़बरें हैं कि सभी जिलों में इसी तरह पंजीकरण कराने वालों की संख्या बढ़ गयी है.

लेकिन सबसे ज्यादा संख्या इलाहाबाद में बढ़ी है. इलाहाबाद में जहां उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का दफ्तर है और पूरे प्रदेश से छात्र पढ़ने आते हैं, भीड़ इतनी बढ़ गई कि व्यवस्था बनाने के लिए रोज़गार कार्यालय में पुलिस लगानी पडी है.

हज़ारों अभिलाषी

हालत ये है की इलाहाबाद के जिस कार्यालय पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पहले जहाँ दिन में सौ-पचास लड़के लड़कियां भी बमुश्किल पहुँचते थे वहीँ अब हजारों की भीड़ आ रही है.

लिहाजा कार्यालय की व्यवस्था बनाये रखने के लिए अब कार्यालय प्रबंधक ने नियम बनाया है कि एक दिन में केवल ज्यादा से ज्यादा दो हज़ार लड़के लड़कियां ही अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी भी मानते है की ये सब चुनावी वादों का असर है !

इलाहाबाद में रोज़गार कार्यालय में भीड़ ये साबित करने के लिए भी काफी है कि रोज़गार आज के दौर में नौजवानों की पहली जरुरत है लेकिन वो ये भी जानते है जब पिछले सालों में तमाम सरकारें मिल कर रोज़गार के लिए कुछ नही कर पायीं तो अब कोई क्या करेगा..चलो रोज़गार नही रोज़गार भत्ता ही मिल जाये !

बेरोजगार युवकों का कहना है कि भत्ता मिले न मिले, पंजीकरण कराने से काम से काम बेरोजगारों की सही संख्या तो पता चलेगी.

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