ओबामा गूगल पेज पर 'चीनी हमला'

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सोशल नेटवर्किंग साइट गूगल प्लस पर मौजूद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के पेज पर चीन से भेजे जा रहे सैकड़ो संदेशों की झड़ी लग गई है जबसे चीनी नागरिकों को पता चला है कि गूगल पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया गया है.

गूगल प्लस पर ओबामा से जुड़े हर विषय पर चीन से सैकड़ो संदेश भेजे जा रहे हैं.

कुछ लोगों ने लतीफ़े और मज़ाक़िया संदेश भेजे हैं, तो कुछ कह रहे हैं कि वो पश्चिमी देशों में हाल में हुए 'क़ब्ज़ा करो' आंदोलन की तरह पेज पर क़ब्ज़ा कर रहे हैं.

गूगल प्लस और दूसरे सोशल साइट पर चीन में पाबंदी है. अधिकारियों का कहना है कि इनमें मौजुद विषय वस्तु सही नहीं है.

पहुंच

चीन में गूगल प्लस पर भी उसके लांच के समय, साल 2011, पर रोक थी लेकिन हाल में ही नागरिकों को अहसास हुआ कि वो साइट ऐक्सेस कर सकते हैं.

अमरीकी पाठकों को हाल में ही तब आश्चर्य हुआ जब उन्होंने पाया ति फरवरी 24 और 25 को ओबामा के चुनाव प्रचार से जुड़े पन्नों पर सैकड़ो टिपण्णियां आईं, ज़ाहिर है ये सभी चीन से ही थीं.

इनमें से कुछ संदेशों में चीन में क़ैद मानवधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई की अपील की गई है.

कुछ ने उस घटना की बात की है जिसमें देश के पुलिस प्रमुख ने अमरीकी दूतावात में पूरा दिन बताया. उन्होंने इसे साज़िश क़रार दिया.

ग्रेट फ़ायरवॉल

लेकिन ज़्यादातर लोगों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हासिल होने पर हर्ष का इज़हार किया है.

अमरीका राष्ट्रपति के निवास स्थान से जुड़े अधिकारियों ने इस मामले पर कोई टिपण्णी नहीं की है.

लेकिन एक पोस्टर में कहा गया है कि अगर चीन इंटरनेट पर पूरी तरह से पाबंदी हटा लेता है तो अमरीका को अपने सोशल मीडिया की रक्षा के लिए 'ग्रेट फ़यरवॉल' का प्रयोग करना होगा जिसका इस्तेमाल ख़बरों के मुताबिक़ चीन अबतक करता रहा है.

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