सीरिया में हिंसा के बीच संविधान पर जनमत-संग्रह

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Image caption जनमत संग्रह के लिए सीरियाई सरकार ने देश भर में 13,000 मतदान केन्द्र बनवाए

सीरिया में जारी हिंसा के बीच सरकार नए संविधान पर देश भर में जनमत-संग्रह करा रही है. लेकिन विपक्ष ने सरकार के इस कदम का बहिष्कार किया है.

नए संविधान के तहत सीरिया में तीन महीनों के भीतर बहुदलीय संसदीय चुनाव कराए जाने है.

विपक्षी दलों ने रविवार के मतदान को एक तमाशा बताया है और मांग की है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद अपनी सत्ता से हट जाएं.

सीरिया में जनमत-संग्रह के बीच भी हिंसा जारी है. आंदोलनकारियों का कहना है कि शनिवार को देश भर में 89 लोगों की मौत हुई है.

ब्रिटेन स्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक संगठन 'सीरियन ऑबज़रवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स' के अनुसार रविवार को ताज़ा हिंसा में दो लोगों की मौत हुई है.

हिंसा के बावजूद सीरियाई सरकार ने जनमत संग्रह कराने का फैसला लिया और एक करोड़ 46 लाख लोगों के लिए देश भर में 13,000 मतदान केन्द्र बनवाए.

मतदान स्थानीय समय सुबह सात बजे शुरु हुआ.

संविधान को लेकर चर्चा

सीरिया के सरकारी टेलीविज़न चैनल में नए संविधान को लेकर चर्चाएं दिखाई जा रहीं है.

नए संविधान में राष्ट्रपति बशर अल-असद की बाथ पार्टी का और भी विरोध करने की आज़ादी दी गई है. साथ ही इसमे लोगों को मतदान के लिए जागरूक करने का प्रावधान है.

हालांकि विपक्ष ने नए संविधान को सिरे से खारिज कर दिया है. विपक्षी दलों में से एक ने कहा है कि ये एक ‘तमाशा’ है.

उनका कहना है कि सत्ताधारी दल ने पुराने संविधान की कभी इज्ज़त नहीं की. पुराने संविधान में भी बोलने की और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की आज़ादी दी गई थी.

तुर्की के विदेश मंत्री अहमद दावूतोग्लू ने एक पत्रकार वार्ता में कहा, “एक तरफ आप देश में जनमत-संग्रह कर रहें है और दूसरी तरफ नागरिक इलाकों में तोप से हमले कर रहें है.”

अमरीका ने भी जनमत-संग्रह को हास्यास्पद बताया है.

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Image caption जनमत संग्रह के दौरान भी सीरिया में हिंसा जारी है

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा, “मुझे लगता है कि सीरिया में गृह युद्ध होने के पूरे आसार है. सीरिया में बाहरी हस्तक्षेप से चीज़े बेहतर नहीं होंगीं बल्कि गृह युद्ध की स्थिति और तीव्र हो जाएगी.”

रेड क्रॉस होम्स के बाबा अम्र इलाके में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहा है लेकिन शनिवार को उन्होंने कहा था कि उन्हें कोई सफलता नहीं मिल पाई है.

रेड क्रॉस सीरिया में फंसे यूरोपीय पत्रकार एडिथ बोवियर और पॉल कॉनरॉय की भी मदद करने की कोशिश कर रहा है. संस्था पिछले सप्ताह हिंसा में मारे गए दो पत्रकार मैरी कोलविन और रेमी ओचलिक के शवों को भी वापस लाने की कोशिश कर रही है.

फ्री सीरियन आर्मी के सैकड़ों सदस्य सीरिया के इसी इलाके में रह रहे है.

दबाव

इसी बीच राष्ट्रपति असद पर 11 महीनों से चली आ रही हिंसा रोकने का दबाव बढ़ता जा रहा है.

सीरिया में अरब लीग के राजदूत के तौर पर नियुक्त किए गए संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अध्यक्ष कोफी अन्नान ने शांति के लिए सभी दलों को सहयोग करने को कहा.

‘फ्रेंड्स ऑफ सीरिया’ समूह ने शुक्रवार को ट्यूनिशिया में बैठक की.

सत्तर देशों के प्रतिनिधियों ने एक बयान जारी कर सीरिया की सरकार से हिंसा रोकने और घरेलु जरूरत की चीज़ों की आवाजाही सुनिश्चित कराने की मांग की है.

इस साल जनवरी में संयुक्त राष्ट्र ने अपने अनुमान में कहा था कि सीरिया में हिंसा में 5400 लोग मारे गए है. आंदोलनकारियों का कहना है कि हिंसा में अब तक 7,300 लोग की मौत हुई है.

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