रूस में मतदान शुरू, पुतिन की नज़र तीसरे कार्यकाल पर

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Image caption मतदान के दौरान सुरक्षा के लिए राजधानी मॉस्कों में 6000 अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया जा रहा है

रूस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए रविवार को मतदान शुरू हो गया है. राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे रूसी प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन अब चार साल बाद दोबारा राष्ट्रपति बनने की उम्मीद कर रहे हैं.

मतदान भारतीय समयानुसार शनिवार रात डेढ़ बजे शुरू हुआ है और सात टाइम ज़ोन में बंटकर रविवार रात साढ़े दस बजे तक चलेगा.

पुतिन साल 2000 से 2008 तक रूस के राष्ट्रपति रहे, लेकिन देश के संविधान के तहत वो लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव में खड़े नहीं हो सकते थे.

पुतिन के खिलाफ खड़े चार प्रतिद्वंदियों में से तीन को पुतिन पहले के चुनावों में हरा चुके है.

पिछले साल दिसंबर में संसदीय चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों के बाद रूस में भारी विरोध-प्रदर्शन हुए थे.

रूसी मीडिया में मिल रही खबरों के अनुसार राजधानी मॉस्कों में 6000 अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया जा रहा है.

चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा ले रहे साम्यवादी नेता जेनेडी ज्यूगानोव को पुतिन का प्रमुख प्रतिद्वंदी माना जा रहा है.

राष्ट्रपति पद के बाकी उम्मीदवारों में राष्ट्रवादी नेता व्लादिमीर जिरीनोस्की, निर्दलीय मिखाइल प्रोखोरोव और उच्च सदन के पूर्व स्पीकर सर्गई मिरोनोव शामिल हैं.

ताज़ा विरोध

चुनाव में अगर पुतिन को पचास फीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिले तो फिर पुतिन और उनके निकटतम प्रतिद्वंदी के बीच दोबारा चुनाव होंगे.

हालांकि ताज़ा विरोधो में सक्रीय भूमिका निभाने वाले उदारवादी दलों की इस चुनाव में कोई उम्मीदवारी नहीं है.

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Image caption चुनाव में पुतिन के खिलाफ खड़े चार में से तीन उम्मीदवारों को पुतिन पहले हरा चुके हैं.

चुनाव में धांधली की आरोपों के बाद शुरू किए गए ‘व्हाइट रिबन’ अभियान में मॉस्को में 50,000 लोगों ने हिस्सा लिया. लगभग इतने ही लोग पुतिन और साम्यवादी दलों के नेताओं की रैली में भी पहुँचे.

आरोपों के जवाब में इस चुनाव के लिए पुतिन ने देशभर में 90,000 मतदान केन्द्रों पर वेब कैमरा लगवाने की घोषणा की, हालांकि आलोचकों ने इनके कार्यशीलता पर सवाल उठाया है.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार सुरक्षा मामलों की देखरेख करने वाली संस्था, ओएससीई ने कहा, “कैमरा मतदान के सभी पहलूओं को रिकार्ड नहीं कर सकता, खासतौर पर गिनती के दौरान.”

इधर हजारों रूसी नागरिकों ने चुनाव में पर्यवेक्षण के लिए स्वेच्छापूर्ण आवेदन किया. इनमें से कई लोगों को नियमों के बारे में प्रशिक्षित किया गया है.

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