फ्रांस में बहुत अधिक विदेशी: सार्कोज़ी

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फ्रांस में अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से ठीक पहले राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने कहा है कि देश में ज़रुरत से ज़्यादा विदेशी नागरिक रह रहे हैं और उन्हें देश के प्रणाली में समाहित करने की व्यवस्था भी काफी खराब है.

सार्कोज़ी ने ये बातें एक टीवी चैनल में चल रही बहस के दौरान कहीं और जनता को भरोसा दिलाया कि अगर उनकी सत्ता में वापसी होती है तो देश में हर साल आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या को आधी से कम कर देंगे.

चुनाव से संबंधित जनमत सर्वेक्षण में सार्कोज़ी सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार फ्रैंकोई हॉलैंड से पीछे चल रहे हैं.

इन चुनावों में सार्कोज़ी इस कोशिश में लगे हैं कि वो मैरिन-ली-पेन की अगुवाई वाले दक्षिणपंथी नेशनल फंट पार्टी के पारंपरिक मतदाताओं को भी अपनी तरफ खींच सकें.

अपने भाषण में सार्कोज़ी ने एक तरफ जहां अप्रवासीय नीति को देश के लिए अच्छा बताया वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा कि इन नीतियों को ज़्यादा सख्त़ करने की ज़रुरत है ताकि किसी को भी आसानी से फ्रांस की नागरिकता न मिल सके.

सार्कोज़ी ने देश में पिछले दस सालों से रह रहे अप्रवासियों को दिए जाने वाली कुछ सुविधाओं में कटौती करने की भी बात कही है.

उल्लेखनीय है कि सार्कोज़ी के पिता हंगरी से आए एक अप्रवासी नागरिक थे.

कड़े होंगे नियम

अप्रवास और नस्लीय मुद्दों पर सार्कोज़ी अक्सर विवादास्पद बयान देते रहे हैं, जिस पर लोगों की अलग-अलग राय है.

वर्ष 2005 में पेरिस दंगों से कुछ ही समय पहले सार्कोज़ी ने वहां के कस्बाई इलाकों में रहने वाले कुछ युवा उपद्रवियों को निचले-वर्ग का बताया था.

सार्कोज़ी ने चुनाव जीते जाने पर फ्रांस में हर साल आने वाले अप्रवासियों की संख्या एक लाख अस्सी हज़ार से सीधे एक लाख करने का वादा किया है, साथ ही ये भी सुनिश्चित करने की बात कही है कि देश में चलाए जा रहे कल्याणकारी योजनाओं का फायदा किसी भी अप्रवासी को आसानी से नहीं मिलेगा.

राष्ट्रपति के तौर पर सार्कोज़ी ने पहले ही कड़े अप्रवास नियमों को लागू किया है, जिसमें रोमा जिप्सियों को देश से जबरन निकालने वाला विवादास्पद फैसला भी शामिल है.

मंगलवार को प्रधानमंत्री फैंकोई फिलोन ने मुस्लिमों और यहूदियों को ये कहकर निराश कर दिया था कि धार्मिक कारणों से जानवरों की हत्या करना एक पुराना रिवाज है.

ये विवाद पिछले महीने टेलीविज़न पर दिखाए उस डॉक्यूमेंट्री के बाद खड़ा हुआ जिसमें ये कहा गया था पेरिस शहर में स्थापित सभी बूचड़खानों में हलाल मांस बेचा जाता है.

वैसे अब तक इस चुनाव प्रचार का मतदाताओं पर ज्य़ादा असर होता नहीं दिख रहा है.

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