'चरमपंथियों की मौजूदगी में बातचीत का कोई अर्थ नहीं'

कोफी अनान और बशर अल-असद इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption दोनों की मुलाकात के बाद हिंसा जारी है.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने संयुक्त राष्ट्र और अरब लीग की तरफ़ से नियुक्त विशेष दूत की हैसियत से सीरिया के दौरे पर गए कोफी अनान से साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि जब तक उनके देश में हथियार बंद 'चरमपंथी' सक्रिय हैं तब तक किसी भी बातचीत का कोई मतलब नहीं हैं.

कोफी अनान से मुलाकात के दौरान हालाकि राष्ट्रपति असद ने कहा कि मौजूदा संकट का समाधान ढूंढने के लिए किए गए किसी भी गंभीर प्रयास का सीरिया पूरी तरह समर्थन करेगा.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार कोफी अनान का मुख्य उद्देश्य ये था कि किसी भी तरह सीरियाई सेना और विद्रोहियों के बीच फौरन युद्ध विराम लागू किया जाए.

लेकिन अनान की मौजूदगी के दौरान भी सरकारी सेना ने उत्तरी-पश्चिम शहर इदलिब पर हमले किए.

विद्रोहियों के अनुसार शनिवार को देश भर में हुए हमले में कम से कम 28 लोग मारे गए हैं.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता की प्रमुख वैलेरी एमोस ने कहा कि राहत सामग्री के मामले में थोड़ी सफलता मिली है लेकिन अभी और बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है.

'हिंसा पर लगाम'

शनिवार को कोफी अनान ने लगभग दो घंटों तक राष्ट्रपति असद से मुलाका़त की. सीरिया की सरकारी टेलीविजन के मुताबिक दोनों की मुलाकात काफी सकारात्मक माहौल में हुई.

सरकारी न्यूज एजेंसी सना के अनुसार राष्ट्रपति असद ने कहा, ''समस्या का हल ढूंढने के लिए ईमानदारी से उठाए गए किसी भी कदम का सीरिया समर्थन करता है लेकिन जब तक हथियार बंद चरमपंथी देश में सक्रिय हैं और देश में अस्थिरता फैला रहें हैं उस समय तक कोई भी राजनैतिक बातचीत कामयाबत नहीं हो सकती.''

इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption काहिरा में अरब देशों के विदेश मंत्रियों ने भी सीरिया के मुद्दे पर बैठक की.

दमिश्क में मौजूद बीबीसी संवाददाता लीना सिनजाब के अनुसार असद के इस बयान से साफ है कि सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी.

इससे पहले कोफी अनान को सौंपे गए काम के बारे में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा, ''हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता ये है कि हर तरह की हिंसा तुरंत पर लगाम लगे. मैने कोफी अनान से साफ कहा है कि वो किसी भी तरह तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम सुनिश्चित करें.''

मून ने कहा कि अगर दोनों पार्टी हिंसा एक साथ नहीं रोकती है तो हिंसा रोकने में सरकार को पहल करनी चाहिए और विद्रोही उसके बाद हिंसा रोक सकते हैं.

राष्ट्रपति असद से मुलाकात के बाद कोफी अनान ने शनिवार शाम को विपक्षी दल के कुछ नेताओं से भी मुलाकात की.

संयुक्त राष्ट्र सीरियाई सरकार और विद्रोहियों के बीच बातचीत के लिए दबाव डाल रहा है लेकिन सीरिया में विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति असद से बातचीत के किसी भी सुझाव को खारिज कर दिया है.

इस बीच सीरिया में जारी संकट के मुद्दे पर मिस्र की राजधानी काहिरा में अरब लीग देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. उस बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोव भी मौजूद थे.

लेकिन इस बैठक के दौरान ये बात बिल्कुल साफ हो गई कि सीरिया के मुद्दे पर रूस और अरब लीग के देशों के रवैये में कितना फर्क है.

रूस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वो सीरिया के अंदुरूनी मामलों में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा लेकिन उसी बैठक में कतर के सदस्यों ने कहा कि अब समय आ गया है कि अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय सेना को सीरिया भेजा जाए.

लेकिन बैठक समाप्त हो जाने के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया जिसमें सभी पार्टियों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की गई.

उसी बयान में सीरिया में बाहरी हस्तक्षेप को भी खारिज कर दिया गया.

संबंधित समाचार