डाओ को प्रायोजक बनाने में कोई बुराई नहीं: कैमरन

 रविवार, 11 मार्च, 2012 को 13:23 IST तक के समाचार
डेविड कैमरन

कैमरन ने कहा कि प्रधान मंत्री होने के नाते वो लंदन ओलंपिक को सफल होते देखना चाहते है.

ब्रिटेन के प्रधान मंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि डाओ केमिकल के लंदन ओलंपिक को प्रायोजित करने में उन्हें कोई बुराई नजर नहीं आती.

समाचार चैनल सीएनएनआईबीएन को दिए एक साक्षात्कार में डेविड कैमरन ने बताया कि डाओ केमिकल्स को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने प्रायोजक के तौर पर नियुक्त किया है और वो इस फैसले का विरोध नहीं करेंगे.

उन्होंने कहा, “भोपाल हादसे को लेकर भारतीय लोगों का गुस्सा मै समझ सकता हूं पर जिस समय हादसा हुआ तब डाओ केमिकल्स यूनियन कारबाईड का हिस्सा नहीं था.”

कैमरन से पहले अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने भी इसी कारण का हवाला देते हुए डाओ को लंदन ओलंपिक का प्रायोजक नहीं बनाने की भारत की मांग को ठुकरा दिया था.

'चौकाने वाला हादसा'

डेविड कैमरन ने कहा, “मुझे याद है जब मै काफी कम उम्र का हुआ करता था उसी वक्त ये हादसा हुआ था और मैने इस खबर को अखबारों में पढ़ा था. बेहद चौकाने वाला हादसा था ये. डाओ को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने प्रायोजक बनाया है, ये उनका फैसला है और मै उनके फैसले का विरोध नहीं करता.”

उन्होंने कहा, “ब्रिटेन का प्रधान मंत्री होने के नाते मै लंदन ओलंपिक को एक सफल समारोह के तौर पर देखना चाहता हूं. मै नहीं चाहता हूं कि इस समारोह को किसी औद्योगिक या राजनीतिक हित को साधने के लिए प्रयोग किया जाए. मुझे डाओ को प्रायोजक बनाए जाने में कोई बुराई नजर नही आती.”

"मुझे याद है जब मै काफी कम उम्र का हुआ करता था उसी वक्त ये हादसा हुआ था और मैने इस खबर को अखबारों में पढ़ा था. बेहद चौकाने वाला हादसा था ये. डाओ को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने प्रायोजक बनाया है, ये उनका फैसला है और मै उनके फैसले का विरोध नहीं करता."

डेविड कैमरन, ब्रिटेन के प्रधान मंत्री

डाओ केमिकल्स को लंदन ओलंपिक के प्रायोजक के रूप में हटाने को लेकर भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन ने पहले आईओसी को मनाने की कोशिश की थी, लेकिन एसोसिएशन ऐसा करने में नाकाम रहा. बाद में खेल मंत्रालय की ओर से चिट्ठी भेजी गई.

चिठ्ठी के जवाब में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने अपने रुख़ को दोहराते हुए कहा कि वो 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के कारण लंदन ओलंपिक के प्रायोजक के रूप में डाओ केमिकल्स को नहीं हटा सकती.

खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव राहुल भटनागर के पत्र के जवाब में आईओसी ने कहा कि वो भारत सरकार की चिंता को समझती है, लेकिन भोपाल गैस त्रासदी के समय डाओ केमिकल्स न प्लांट की मालिक थी और न ही वो उसे चलाती थी.

ये पत्र आईओसी के निदेशक, एनओसी रिलेशंस पेरे मिरो ने लिखी है. खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव राहुल भटनागर ने 24 फरवरी को आईओसी के अध्यक्ष जाक रोखे को पत्र लिखकर डाओ केमिकल्स को प्रायोजक के रूप में हटाने की मांग की थी.

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