तीन ईरानी नागरिकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

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Image caption 13 फरवरी को इसराइली दूतावास की इसी गाड़ी में विस्फोट हुआ था

पिछले महीने इसराइली दूतावास की गाड़ी में हुए बम धमाके के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने तीन ईरानी नागरिकों को गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं.

अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने इस मामले में दिल्ली की तीस हजारी अदालत से हुसैन अफशर, सैयद अली मेहदी सद्र और मोहम्मद रजा अबोलघासमी के खिलाफ वारंट जारी करने की मांग की थी.

अखबार के मुताबिक इनमें से एक व्यक्ति ने उस इनोवा गाड़ी पर बम को चिपकाने का काम किया जिसमें इसरायली राजनयिक अपने बच्चे को स्कूल से लेकर आ रही थीं और इसी दौरान नई दिल्ली के औरंगजेब रोड पर ये घटना हुई.

टूरिस्ट वीजा

अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के मुताबिक ये तीनों ईरानी नागरिक इस घटना के दो हफ्ते पहले ही टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे.

अखबार के मुताबिक इनके बारे में पुलिस को जानकारी पिछले हफ्ते नई दिल्ली में गिरफ्तार पत्रकार सैयद मोहम्मद अहमद काजमी से पूछताछ के बाद मिली है.

इसके बाद ही पुलिस ने तीनों ईरानी नागरिकों के नाम पर अदालत से ओपन वारंट जारी कराए हैं और इनकी गिरफ्तारी के लिए ईरान सरकार से मदद मांगी है.

अखबार ने स्पेशल टीम के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि पत्रकार काजमी से हुई पूछताछ में पुलिस को और भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं.

उनके मुताबिक हुसैन अफसर ही वह शख्स है, जिसने काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार होकर इस घटना को अंजाम दिया था.

स्टिकर बम

हुसैन अपने दो साथियों सैयद अली महंदियनसद्र व मोहम्मद रजा अबोलघसेमी के साथ दिल्ली के पहाड़गंज स्थित होटल में ठहरा था और इन लोगों ने न सिर्फ इस घटना को अंजाम देने की साजिश रची, बल्कि ईरान से ही लाए गए अत्याधुनिक स्टिकर बम को असेम्बल भी किया था.

पुलिस के मुताबिक इन तीनों ईरानी नागरिकों के पासपोर्ट की कॉपी भी बरामद कर ली गई है.

अखबार के मुताबिक अब तक हुई जांच में पता चला है कि इन तीनों ही ईरानी नागरिकों ने 13 फरवरी की आधी रात के बाद भारत छोड़ दिया था.

पुलिस को आशंका है कि तीनों ईरान में हो सकते हैं, इसीलिए पुलिस ने तीनों के नाम ओपन वारंट जारी कराए हैं.

ये वारंट अब विदेश मंत्रालय की मदद से ईरानी दूतावास और ईरानी सरकार को सौंपे जाएंगे, ताकि इनके बारे में और जानकारी मिल सके.

इसके अलावा, पुलिस ये कोशिश भी कर रही है कि तीनों को गिरफ्तार करने के बाद भारत लाया जा सके. इसके लिए विदेश मंत्रालय व गृह मंत्रालय की मदद ली जा रही है.

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