भिक्षु के आत्मदाह के विरोध में चीन में जुटे तिब्बती

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Image caption तिब्बतियों का आरोप है कि चीन उनकी संस्कृति को मिटाना चाहता है

पश्चिमी चीन से मिल रही खबरों में कहा गया है कि चीन के शासन के विरोध में एक भिक्षु द्वारा हाल ही में आत्मदाह करने की घटना से आक्रोशित हजारों तिब्बती भिक्षु और उनके समर्थक प्रदर्शन के लिए एकजुट हुए हैं.

तिब्बत समर्थक एक समूह का कहना है कि पश्चिमी किंघई प्रांत में शोक में डूबे भिक्षुओं के साथ झड़प के बाद सुरक्षा बलों को वापस बुलाया गया है.

समूह का कहना है कि आत्मदाह की कोशिश करने वाले 43 वर्षीय भिक्षु के दम तोड़ने के बाद ये विरोध प्रदर्शन किया गया है.

चीन के कथित दमन के खिलाफ किसी तिब्बती के आत्मदाह करने की बीते चार दिन में ये तीसरी घटना है.

चीन पर दमन का आरोप

चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र पड़ोसी प्रांत सिचुआन है लेकिन तिब्बत समर्थक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब ये अन्य तिब्बती इलाकों में भी फैल रहा है.

इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि चीन के शासन के विरोध में बीते साल 30 लोगों ने आत्मदाह किया है जिनमें से ज्यादातर भिक्षु थे.

इनमें से ज्यादातर घटनाएं सिचुआन प्रांत में हुई हैं.

किंघई प्रांत में ज्यादा अशांति नहीं रही है लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि फरवरी से वहां व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं.

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चीन, तिब्बतियों के धर्म और संस्कृति का दमन करता है.

लेकिन चीन का तर्क है कि उसने तिब्बती इलाकों को सम्पन्न और आधुनिक बनाया है पहले पिछड़े हुए थे.

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