इतिहास के पन्नों में 20 मार्च

अगर इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो पाएंगे कि इराक पर हमले आज के दिन ही शुरू हुए थे और फुटबाल वर्ल्ड कप चोरी हो गया था.

2003: इराक पर अमरीकी मिसाइल हमले शुरू

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Image caption ये हमले इराक के खिलाफ कार्रवाईयों की शुरूआत थी.

बगदाद पर मित्र देशों की फौजो के मिसाइल हमले आज के दिन ही शुरू हुए थे.

अमरीका के नेतृत्व में प्रारंभ हुए इन हमलों का उद्देश्य था सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाना.

बमबारी शुरू होने के कुछ देर बाद ही राष्ट्रपति जार्ज बुश टेलीवीजन पर आए और वादा किया कि इराक को निरस्त्र कर दिया जाएगा और वहां की जनता को आजादी दिलवाई जाएगी.

बमबारी प्रारंभ करने का हुक्म चेतावनी की डेडलाइन खत्म होने के दो घंटे बाद जारी किया गया था.

अमरीकी सुत्रों का कहना था कि हमले की पहली खेप में इराक के प्रमुख लोगों को निशाना बनाया गया था. इसमें इराक के नेता सद्दाम हुसैन भी शामिल थे.

इराक के नागिरकों का कहना था कि बमबारी में बहुत सारे गैर सैन्य ठिकाने भी निशाना बन गए थे जिसमें बगदाद के दक्षिणी क्षेत्र दौरा में काफी शहरी घायल हो गए.

बमबारी शुरू होने के कुछ देर बाद ही सद्दाम हुसैन टीवी पर लाईव आए और कहा कि मुझे ये बताने की जरूरत नहीं कि अपने मुल्क की हिफाजत के लिए आपको क्या किया जाना चाहिए.

1966: फुटबाल वर्ल्ड कप चोरी

Image caption बाद में कप कही गड़ा हुआ पाया गया जिसे पिकल्स नाम के एक कुत्ते ने ढूंढा था.

लंदन वेस्टमिनिस्टर के सेंट्रल हॉल में प्रदर्शनी के लिए रखा गया फुटबाल वर्ल्ड कप किसी ने चोरी कर लिया था.

तीस हजार पाउंड की कीमत वाली ट्राफी तब गायब हो गई जब भवन के दूसरे हिस्से में एक प्रार्थना सभा चल रही थी.

ब्राजील जो उस समय का चैंपियन था उसने कप को इंटरनेशनल फुटबाल फेडेरेशन एसोशिएशन के हवाले किया था.

इस बार वर्ल्ड कप का आयोजन ब्रिटेन कर रहा था.

हालांकि फेडेरेशन सीधे तौर पर चोरी की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था लेकिन उसने ये जरूर स्वीकार किया कि आखिरकार इसकी जिम्मेदारी उनकी है.

पुलिस को एक तीस साल के व्यक्ति पर शक था जो उस वक्त भवन में मौजूद था. कहा गया था कि वो सामान्य कद का था और उसके चेहरे पर कटने का निशान था.

ब्राजील ने ये कप आठ बार हासिल किया था.

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