इतिहास के पन्नों में मार्च 21

इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो पाएगें कि 21 मार्च के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेदी कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कालों के ऊपर पुलिस वालों ने गोलियां बरसा कर 69 कालों को मार डाला था. आज ही के दिन नामीबिया दक्षिण अफ्रीका से पूरी तरह से आज़ाद हुआ था.

1960 : दक्षिण अफ्रीका में 69 कालों को पुलिस ने मारा

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Image caption सरकार ने बाद में एक ऐसा कानून लाया जिसकी वजह से इस हत्याकांड में शामिल किसी भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई.

दक्षिण अफ्रीका के शहर शार्पविल में गोरी पुलिस ने शांतिपूर्ण ढंग से रंगभेद के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे कालों के एक समूह पर गोलियां बरसा कर 50 लोगों को मौके पर ही मार डाला.

प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना था कि प्रदर्शन कर रहे लोगों में औरतें और बच्चे भी शामिल थे जो गोलियां चलते ही भागने लगे.

शुरु में साफ़ नहीं हो पाया कि पुलिस ने निहत्थे लोगों पर अचानक गोलियां बरसाना क्यों शुरू कर दी. यह खबर ज़रूर उठी की कुछ लोगों ने शायद पुलिस के ऊपर पत्थर बरसाए थे.

दरसल यह काले लोगों की भीड़ सरकार के एक कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी जिसमे लोगों को घरों से निकलते ही हर वक़्त अपने साथ एक परिचय पत्र ले कर चलना आनिवार्य कर दिया था कि.

इस परिचय पत्र में आदमी के नाम पते के अलावा इस बात का भी ज़िक्र होना था कि वो किसके यहाँ काम करता है और क्या काम करता है.

काले लोगों का कहना था कि सरकार ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि वह सफेद लोगों की बहुलता वाले इलाकों में काले लोगों के प्रवेश को रोक सके.

कानून के अनुसार बिना परिचय पत्र के पाए गए लोगों को 30 दिन तक के लिए हिरासत में रखा जा सकता था.

प्रदर्शनकारियों के नेता रॉबर्ट सुबुक्वे ने कहा कि यह प्रदर्शन प्रस्तावित पांच दिनों की श्रृंखला का पहला प्रदर्शन था. इसके तहत शांतिपूर्ण ढंग से काले लोगों का एक समूह पुलिस थाने में बिना परिचय पत्र के जा कर अपनी गिरफ्तारी की अपील करनी थी.

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक पुलिस ने यह गोलीबारी तब शुरू की जब लोगों ने थानों को घेरना शुरू कर दिया.

इस घटना के बाद दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने देश में प्रदर्शनों के ऊपर पाबंदी लगा दी और एक ऐसा कानून लाई जिसकी वजह से इस हत्याकांड में शामिल किसी भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई.

1990 : नामीबिया दक्षिण अफ्रीका से आज़ाद

Image caption आज ही के दिन साल 1990 में नामीबिया दक्षिण अफ्रीका से पूरी तरह से आज़ाद हो कर एक स्वतंत्र मुल्क बन गया.

आज ही के दिन साल 1990 में नामीबिया दक्षिण अफ्रीका से पूरी तरह से आज़ाद हो कर एक स्वतंत्र मुल्क बन गया. अफ्रीकी महाद्वीप के दक्षिण में स्थित नामीबिया संयुक्त राष्ट्र का भी सदस्य है.

इस देश की आबादी 21 लाख है और यहाँ एक बहुत ही स्वस्थ बहुदलीय लोकतंत्र विकसित हो रहा है.

नामीबिया दुनिया की सबसे कम घनी आबादी वाला देश है. यूं तो यहाँ की ज़मीन में हीरे, यूरेनियम सोना चांदी जैसी कई चीज़ें मौजूद हैं इस देश की आधी आबादी गरीबी रेखा के नीचे रहती है. इस देश में एचआईवी-एड्स का प्रकोप भी बहुत है.

अनुमानों के मुताबिक इस देश की 15 फ़ीसदी आबादी एचआईवी- एड्स से पीड़ित है.

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