इतिहास के पन्नों से- 23 मार्च

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Image caption रीगन की योजना की सोवियत संघ के राष्ट्रपति ने आलोचना की थी

इतिहास में 23 मार्च का दिन

1987- सैनिक ठिकाने पर हुए कार बम हमले में 31 लोग घायल हुए

पश्चिमी जर्मनी के एक ब्रितानी सैनिक ठिकाने में हुए कार बम हमले में 31 लोग घायल हो गए हैं.

ख़बरों के अनुसार 136 किलोग्राम का विस्फोटक पश्चिमी जर्मनी की राजधानी बॉन से 50 मील दूर रेनडालेन के अधिकारियों के मेस के पास फटा.

स्थानीय समयानुसार रात साढ़े दस बजे हुए इस विस्फोट में 27 जर्मन और चार ब्रितानी लोग घायल हुए.

विस्फोट इतना भयानक था कि सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई और पास में खड़ी कारों को काफ़ी बुरी तरह नुक़सान पहुँचा.

सेना के प्रवक्ता नाइजेल जिलीज़ ने कहा, "निश्चित ही हम काफ़ी भाग्यशाली रहे कि लोगों की मौत नहीं हुई."

उनका कहना था कि बम विस्फोट चूँकि रात के समय हुआ और उस समय सैनिक ठिकाने पर काफ़ी भारी पर्दे लगे थे इसलिए लोग बच गए.

वैसे अँगरेज़ी में बोलते हुए एक व्यक्ति ने विस्फोट से पहले जर्मनी में प्रेस को संबोधित किया था.

रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया कि मेस के आस-पास लोग बेरोक-टोक जा सकते हैं मगर ये ज़रूर कहा कि अलग-अलग जगह सुरक्षा का स्तर अलग-अलग है.

1983- रीगन ने रणनीतिक रक्षा प्रबंध की घोषणा की

अमरीका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने स्ट्रैटेजिक डिफ़ेंस इनीशियेटिव या रणनीतिक रक्षा प्रबंध की घोषणा की.

ये एक ऐसा रक्षा कवच होगा जिसमें लेज़र के ज़रिए देश में आने वाली मिसाइल को आसमान में ही रोककर ध्वस्त कर दिया जाएगा.

रक्षा विश्लेषकों ने कहा कि ये 30 साल पुराने शीत युद्ध की उस नीति से अलग है जिसके तहत दोनों गुट एक-दूसरे की परमाणु हमले की आशंका को हमला रोकने के एक तरीक़े के तौर पर देखते थे.

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस से एक टेलीविज़न संदेश में रीगन ने कहा, "हम इसके ज़रिए न तो सैनिक शक्ति के तौर पर ख़ुद को बेहतर साबित करना चाह रहे हैं और न ही राजनीतिक तौर पर. इसके ज़रिए हमारा उद्देश्य सिर्फ़ परमाणु युद्ध के ख़तरे को दूर करना है."

सोवियत संघ के राष्ट्रपति आंद्रोपोव इस योजना के आलोचक थे और उनका कहना था कि ये 1972 की ऐंटी बैलिस्टिक मिसाइल संधि का उल्लंघन करता है. उनके अनुसार रक्षात्मक और आक्रामक रूप से हथियार जमा करने में फ़र्क मामूली ही है.

इसके ज़रिए हथियारों की एक नई होड़ शुरू हुई और अमरीका और सोवियत संघ के रिश्ते बिगड़े.

उसके बाद सोवियत संघ के सामने आर्थिक मुश्किलें बढ़ीं और उसने भी उस शासन को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई.

ये प्रबंध 1993 में समाप्त कर दिया गया और उस विभाग का नाम बदलकर बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा संगठन कर दिया गया.

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