कंधार हत्याकांड: अमरीका ने बांटे भारी मुआवजे

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Image caption कंधार ह्त्याकांड के बाद अमरीका-अफगानिस्तान रिश्तों में तनाव बढ़ गए हैं.

अमरीकी सेना ने कंधार में मारे गए 17 लोगों के परिवारों को मुआवजा दिया है.

अफगान अधिकारियों और कबायली नेताओं ने कहा है कि सेना ने हर एक मृत व्यक्ति के लिए 46,000 डॉलर और प्रति घायल 10,000 डॉलर की राशि अदा की है.

ग्यारह मार्च को एक अमरीकी सैनिक ने कंधार के दो गांवो में घुसकर अंधाधुन गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें नौ बच्चे शामिल थे.

अमरीकी सेना के स्टाफ सार्जेंट रॉबर्ट बेलस के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाएगा जिसकी सुनवाई एक अमरीकी अदालत में होगी.

हालांकि अफगान संसद और वहां की जनता ने मांग की थी कि अमरीकी सैनिक के विरूद्ध अफगानिस्तान में ही मुकदमा चलाया जाना चाहिए.

सूचना

परिवार वालों को मुआवजे की सूचना अमरीकी और नेटो अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में दी गई. ये बैठक कंधार के गवर्नर के कार्यालय में संपन्न हुई.

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Image caption पंजवई घटना के बाद हामिद करजई ने पीड़ित परिवारों से भंट की थी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने हाजी जान आगा के हवाले से कहा है, "हमें विदेशी और अफगान अधिकारियों की ओर से पंजवाई में बातचीत का न्योता मिला था और उन लोगों ने कहा कि ये धनराशि राष्ट्रपति ओबामा की तरफ से दी गई मदद है."

अमरीकी सैनिक के हमले में हाजी जान आगा के रिश्ते के भाई की मौत हो गई थी.

काबुल से बीबीसी संवाददाता बिलाल सरवरी का कहना है कि विदेशी फौजे नागरिकों की मौत की स्थिति में मुआवजा देती रही है लेकिन एक कबायली नेता से साफ किया है कि मुआवजा स्वीकार करने का ये मतलब नहीं है कि उन्होंने हत्यारे को माफ कर दिया है.

संवाददाता का कहना है कि अफगान समाज में मुआवजा देने की प्रथा रही है जिसे जिम्मेदार व्यक्ति या उसके परिवार की तरफ से नेक नियती के संकेत के तौर पर देखा जाता है.

गवाह

परिवार वालों को सुचित किया गया है कि जब सार्जेंट बेलस के खिलाफ मुकदमा शुरू होगा तो उनमें से कुछ लोगों को गवाही के लिए अमरीका ले जाया जाएगा जबकि कुछ विडियो लिंक के जरिए इसमें शामिल हो सकेंगे.

काबुल में नैटो सेना के एक प्रवक्ता ने मुआवजा दिए जाने की बात की पुष्टि करने से इंकार कर दिया. उनका कहना था कि संयुक्त सेना ऐसा नहीं करती है.

लेकिन लेफ्टिनेंट कमांडर ब्रेन बडुरा ने कहा कि अफगानिस्तान की परंपरा को ध्यान में रखते हुए सेना में शामिल देश अपने तौर पर मुआवजा दे सकते हैं.

बीबीसी संवादाता डेविड लॉयन का कहना है कि अमरीका मौत की सूरत में सामान्यत: 2500 डॉलर मुआवजा अदा करता है लेकिन इस मामले में वो राशि काफी अधिक इसलिए है क्योंकि इस घटना में मौतें भी कुछ विभिन्न स्थिति में हुई थीं.

सैनिक के हमले के बाद अमरीका और अफगानिस्तान के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है. साथ ही तालिबान शांति वार्ता से अलग हो गए हैं.

इससे पहले एक अमरीकी सैनिक अड्डे पर पवित्र कुरान की प्रतियां जलाए जाने की घटना के बाद देश में अमरीका विरोधी घटनाएं पहले से ही तेज हो गई थीं.

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