माओवादियों ने रिहा किया एक बंधक

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Image caption सीपीआई माओइस्ट के नेता साव्यसाची पांडे के मुताबिक इतालवी पर्यटक को सदभावना के नाते छोड़ा गया है

उड़ीसा के कंधमाल में नक्सलियों ने बंधक बनाए गए दो इतालवी पर्यटकों में से एक क्लॉडियो कोलेंजिलो को रिहा कर दिया है.

क्लॉडियो कोलेंजिलो को नक्सलियों ने तीन पत्रकारों को सौंपा दिया है, इनमें बीबीसी, समाचार चैनल एनडीटीवी और एक स्थानीय समाचार चैनल नक्षत्र टीवी के पत्रकार शामिल हैं.

क्लॉडियो ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नक्सलियों के चंगुल में बिताया गया 11 दिन का अनुभव काफी भयानक था.

नक्सलियों के चंगुल में कैद दूसरे इतालवी पर्यटक बोसस्को पाओलो को रिहा करने के बारे में अभी कुछ नहीं कहा गया है.

नक्सलियों से छूटने के बाद क्लॉडियो को गंजम ज़िले के सोरडा थाना ले जाया जा रहा है जहां उन्हें पुलिस को सौंपा जाएगा.

बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में रिहा किए गए पर्यटक क्लॉडियो कोलेंजिलो ने कहा, ''ये दिन मेरे जीवन के कठिनतम दिनों में से एक थे. एक तो वहां का मौसम काफी खराब था और दूसरा वहां जो खाना दिया जा रहा था वो भी खाने लायक नहीं था. मुझे सबसे ज़्यादा चिंता अपने परिवार की हो रही थी क्योंकि मैं जानता था कि मैं ठीक हूं लेकिन वो ये नहीं जानते थे.''

माओवादियों के सलूक के बारे में उन्होंने कहा,''वे लोग हमारे साथ काफी अच्छे से पेश आए और हमें जानबूझ कर कोई तकलीफ नहीं दी लेकिन हमें ये नहीं पता कि हमारा अपहरण क्यों किया गया था, शायद हम उनके लिए सरकार तक पहुंचने का एक माध्यम थे.''

क्लॉडियो से जब पूछा गया कि क्या उन्हें पता है कि उनके दूसरे साथी बोसुस्को पाउलो को माओवादी कब तक रिहा करेंगे तो उन्होंने कहा,''मुझे इस बारे में कुछ पता नहीं है लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि वो उन्हें जल्द रिहा कर दें.''

सदभावना के नाते रिहा हुए पर्यटक

क्लॉडियो को छोड़ने वाले नक्सली नेता सीपीआई माओवादी के स्टेट ऑर्गेनाइज़िंग कमिटी के सचिव सब्यसाची पांडा जिन्हें कॉमरेड सुनील के नाम से भी जाना जाता है, ने कहा है कि उन्होंने क्लॉडियो को सदभावना दिखाते हुए छोड़ा है ताकि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कल स्थगित की गई वार्ता को दोबारा शुरु किया जाए.

सब्यसाची पांडा ने अपने संगठन के आंध्रा ओडिशा बॉर्डर कमिटी द्वारा पुलिस सबइंस्पेक्टर की हत्या और कोरापुट के विधायक झिना हिकाका के अपहरण की निंदा की है.

दूसरे पर्यटक बोसुस्को पाउलो को छोड़ने के बारे में सब्यसाची पांडा का कहना है कि उसके बारे में तब विचार किया जाएगा जब सरकार उनकी मांगों पर बातचीत करेगी.

पाउलो पिछले 19 सालों से उड़ीसा में रह रहे हैं और यहां पर्यटकों के लिए एक ट्रेकिंग ऑर्गेनाइजेशन चलाते हैं.

पाउलो ने बीबीसी संवाददाता संदीप साहू से बातचीत करते हुए कहा है कि वो बिल्कुल सुरक्षित हैं और उन्हें कोई दिक्कत नहीं है.

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