अन्नान शांति योजना पर सीरिया सहमत पर अमरीका सजग

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Image caption ताज़ा तस्वीरों से पता चलता है कि बशर अल असद तनावग्रस्त होम्स शहर के दौरे पर थे.

सीरिया की सरकार उस शांति योजना को स्वीकार करने पर सहमत हो गई है जिसे अरब लीग के विशेष दूत कोफ़ी अन्नान ने बनाया था.

हालांकि अमरीका ने सीरिया की इस सहमति पर सावधान प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बशर अल असद का इस प्रस्ताव को अमल करना ही इसका असल प्रमाण होगा.

अरब लीग के विशेष दूत कोफी अन्नान के प्रवक्ता अहमद फावजी ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि यह एक 'महत्त्वपूर्ण शुरूआती कदम' है जिससे एक लंबे समय से जारी हिंसा पर विराम लग सकता है.

अहमद फावजी ने भी इस बात पर जोर दिया है कि इस योजना पर सहमति जताने का असल प्रमाण इसको अमल करना ही होगा.

हालांकि सीरिया के प्रमुख विपक्षी गठबंधन ने इस शांति योजना की सहमती पर संशय जताते हुए सवाल उठाए हैं कि क्या वाकई में सरकार इसका पालन करेगी.

इस बीच अमरीकी विदेश मंत्री हिलैरी क्लिंटन ने कहा है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के अत्याधिक वायदों से ही भरे इतिहास को देखते हुए, उनके इस समझौते को अमल करने के बाद ही इसका असल प्रमाण मिलेगा, न की सिर्फ उनके शब्दों से.

चीन में अन्नान

इस बीच सीरिया के मामले पर संयुक्त राष्ट्र और अरब लीग के विशेष दूत कोफ़ी अन्नान चीन को अपनी शांति योजना पर रज़ामंद करने की कोशिश के तहत बीजिंग पहुँचे हैं जहाँ उन्होंने चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से मुलाक़ात की है.

बीजिंग में वेन जियाबाओ से कोफ़ी अन्नान ने कहा, "मैं यह काम अकेले नहीं कर सकता, मुझे आप जैसे देश का समर्थन और मशविरा चाहिए."

संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफ़ी अन्नान की शांति योजना को रूस पहले ही समर्थन देने की घोषणा कर चुका है.

इससे पहले सीरिया पर लाए गए प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में रूस और चीन दो बार वीटो कर चुके हैं जिसके लिए उनकी कड़ी आलोचना हुई थी.

सीरिया में जारी राजनीतिक हिंसा में अब तक नौ हज़ार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हिंसा को रोकने की सभी अंतरराष्ट्रीय कोशिशें अब तक नाकाम ही साबित हुई हैं.

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