'बच्चों को घुटने में गोली मार रहे हैं'

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Image caption पिल्लई के मुताबिक सीरिया में वयस्कों के साथ बच्चों को भी हिरासत में लिया जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त नवी पिल्लई का कहना है कि सीरियाई सरकार एक सोची-समझी रणनीति के तहत सीरिया में लगातार बच्चों को निशाना बना रही है.

बीबीसी से हुई एक खास बातचीत में नवी पिल्लई ने कहा कि सीरियाई अधिकारी लगातार बच्चों को हिरासत में ले रहे हैं और उन्हें यातनाएं दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से हिरासत में लिए गए हज़ारों बच्चों के भविष्य को लेकर वो बेहद चिंतित हैं.

पिल्लई ने कहा, ''सीरिया में बच्चों को घुटनों में गोली मारी जा रही हैं उन्हें वयस्कों के साथ हिरासत में लिया जा रहा है और घायल बच्चों को इलाज से रोका जा रहा है. कई बच्चों को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया है.''

पिल्लई का कहना है कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद केवल लिखित आदेश जारी कर लोगों को हिरासत में लिए जाने और आम नागरिकों की हत्याओं पर लगाम नहीं लगा सकते.

सीरिया में सुधारों की मांग को लेकर जारी हिंसक आंदोलनों के बीच सरकार ने शांति प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. हालांकि सरकार की ईमानदारी को लेकर अब भी कई सवाल खड़े हैं.

इस सब के बीच बीबीसी से हुई बातचीत में मानवाधिकार आयुक्त ने कहा है कि राष्ट्रपति बशर अल असद को अपने सुरक्षाकर्मियों की ओर से किए जा रहे गलत कामों के लिए सफाई देनी होगी.

पिल्लई का कहना था कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के पास राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत में मामला चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं.

बीबीसी संवाददाता फर्गल कैने के मुताबिक नवी पिल्लई ने इस मामले में बयान देते हुए इस बात पर खासा ज़ोर दिया है कि मानवाधिकार उल्लंघन के इन मामलों में सख्त कार्रवाई ही हिंसा पर रोक लगाने का एक जरिया है.

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