सीरिया में प्रस्तावित संघर्षविराम पर संकट के बादल

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सीरिया में प्रस्तावित संघर्षविराम को लेकर संदेह बढ़ता जा रहा है. सरकार ने नई माँगे रख दी हैं और विद्रोहियों ने कहा है कि उन्हें लगता है कि संयुक्त राष्ट्र की शांति योजना सफल नहीं होगी.

सीरिया सरकार ने विद्रोहियों से लिखित गारंटी माँगी है कि वो हमले बंद कर देंगे और साथ ही कहा है कि बाकी देश ये वादा करें कि वे विद्रोहियों को पैसा या हथियार नहीं देंगे.

जबकि विद्रोहियों का कहना है कि वे पहले ही जबान दे चुके हैं कि अगर सरकार लड़ाई बंद कर देती है तो वे भी हमले रोक देंगे.

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत कोफी अन्नान की मध्यस्थता के बाद संघर्षविराम पर सहमति बनी थी. संघर्षविराम इस हफ्ते से शुरु होना है जब सरकार अपनी सेना हटा लेगी.

विपक्षी दल सीरियाई नेशनल काउंसिल का कहना है कि सरकार की माँगे शांति योजना को नकारने का एक तरीका है. सरकार ने नई माँगे सीरियाई सेना को शहरों से हटाने की समयसीमा से 48 घंटे पहले आई हैं.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ऐसा करके सरकार ने संघर्षविराम के समझौते को खटाई में डाल दिया है.

एक साल पहले राष्ट्रपति असद के खिलाफ शुरु हुए प्रदर्शनों में नौ हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. शनिवार को ही कम से कम 160 लोग मारे गए थे.

योजना के मुताबिक 10 अप्रैल को सरकार को शहरों और कस्बों से सेना को हटाना है. इसके 48 घंटे बाद संघर्षविराम लागू हो जाएगी. 12 अप्रैल से दोनों पक्षों को हिंसा बंद करनी होगी. फिर सभी पक्ष राजनीतिक हल के लिए बातचीत शुरु करेंगे.

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