सैलानी: वरदान या अभिशाप

क्लेन मैटरहॉर्न
Image caption मैटरहॉर्न की खूबसूरती जरमैट शहर के लिए मुसीबत बनती जा रही है.

दुनिया का कोई भी पर्यटक स्थल वहां आने वाले सैलानियों पर ही निर्भर करता है लेकिन अब शायद दुनिया के कुछ माने जाने पर्यटक स्थलों में लोग ये सवाल करने लगे हैं कि उन्हें इस सफलता की कीमत तो नहीं चुकानी पड़ रही है.

स्विट्जरलैंड के मशहूर पर्यटक स्थल जरमैट में हर साल लगभग 20 लाख लोग आते हैं और उनमें से लगभग 10 लाख लोग 13 हजा़र फिट की ऊंचाई पर बसे क्लेन मैटरहॉर्न का भी दौरा करते हैं.

क्लेन मैटरहॉर्न की पहाड़ियों से सैलानी फ्रांस के मॉंट ब्लैंक और दक्षिण में बसे इटली के मिलान का नजारा ले सकते हैं.

लेकिन जरमैट की दिक्कत ये है कि यहां आने वाले सैलानी केवल प्राकृतिक सौंदर्य का ही नजारा नहीं लेना चाहते, वे खाने-पीने की चीज़ों के अलावा फ्लश शौचालय की भी मांग करते हैं.

इन जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा बिजली की आवश्यकता होती है. जरमैट में इसके लिए कुछ नए उपाए भी किए जा रहें हैं.

क्लेन मैटरहॉर्न पर बना नया रेस्तरा पहली नजर में शिशे का बना हुआ लगता है.

लेकिन ध्यान से देखने पर पता चलता है कि वहां सोलर पैनल लगे हुए हैं जो रेस्तरा की बिजली जरूरतों को पूरा करते हैं.

इस रेस्तरा को अपने विशेष डिजाइन के लिए यूरोपियन सोलर ईनाम भी मिल चुका है.

लेकिन बावजूद इसके सैलानियों के लिए उतनी ऊंचाईं पर गर्म खाना मुहैया कराना जरमैट शहर के लिए एक चुनौती बना हुआ है.

जनसंख्या विस्फोट

जब सैलानियों की आवाजाही खूब होती है तो जरमैट की जनसंख्या रातोरात बढ़ जाती है और इससे पैदा होने वाली समस्याओं का अंदाजा शहर के मेयर क्रिस्टॉफ बर्गिन को भी है.

क्रिस्टॉफ बर्गिन कहते हैं, ''दिसंबर 26 को हमारी जनसंख्या छह हज़ार से बढ़कर लगभग 35-40 हज़ार हो जाती है. हमारे यहां 40 से ज्यादा चार सितारा होटल हैं और उन सभी में स्पा की सुविधा मौजूद है. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हमें कितने पानी की जरूरत होती होगी.''

जरमैट के लिए खुशी की बात है कि वहां कई प्राकृति जल संसाधन हैं लेकिन इस वजह से वहां एक नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाना पड़ रहा है.

जरमैट शहर लगातार फैलता जा रहा है और सैलानियों की बढ़ती संख्या के लिए हर दिन नए-नए होटल और अपार्टमेंट बन रहें हैं.

Image caption क्लेन मैटरहॉरन पहाड़ पर बना रेस्तरां

यहां तक की क्लेन मैटरहॉर्न पर एक नया टावर बनाने की योजना बनाई जा रही है जिसमें कई सारे रेस्तरां, होटल और सम्मेलन कक्ष होंगे.

जरमैट की केबल कार कंपनी इस योजना का समर्थन कर रही है क्योंकि इससे उसको काफी फायदा होगा लेकिन मेयर बर्गिन इससे बिल्कुल भी खुश नहीं हैं.

बर्गिन का कहना है कि वहां टावर बनाना ना संभव है और ना ही ऐसा करना सही है.

हालाकि अब ऐसे भी संकेत मिल रहें हैं कि जरमैट के स्थानीय लोग भी धीरे-धीरे मेयर बर्गिन से सहमत हो रहे हैं.

पर्यावरण की चिंता

स्थानीय लोग सैलानियों के आने से सबसे ज्यादा पैसे कमाते हैं लेकिन अब वो भी इससे होने वाली समस्या को लेकर चिंतित दिखते हैं.

नए बनने वाले मकानों में हरियाली का पूरा ख्याल रखा जा रहा है. जरमैट का नया यूथ हॉस्टल स्विट्जरलैंड का ऐसा पहला भवन है जिसमें न्यूनतम ऊर्जा मापदंड को लागू किया गया है.

लेकिन इन सबके बावजूद पर्यावरणविद् बहुत चिंतित हैं.

पर्यावरणविद् इवा मारिया क्ले कहती हैं, ''पांच-छह मंजिला ऊंचा लकड़ी का बंगला बनाया जा रहा है. हर साल औसतन 18 नए भवन निर्माण किए जा रहें हैं. अगर इसी तरह से चलता रहा तो अगले 30 साल में यहां कोई जगह नहीं बचेगी.''

स्विट्जरलैंड की जनता भी इससे चिंतित दिखाई पड़ती है. इसी साल यानी 2012 मार्च में हुए एक जनमतसंग्रह में लोगों ने उस सुझाव के समर्थन में वोट डाले जिसमें कहा गया था कि पर्यटकों के लिए बने घरों की संख्या 20 फीसदी से ज्यादा नही हो सकती.

पर्यटन के कारण सौ साल से भी कम समय में जरमैट एक दूर दराज़ के गरीब गावं से बदल कर दुनिया के सबसे अमीर पर्यटन स्थलों में से एक बन गया है.

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Image caption पर्यटकों की मांग के कारण जरमैट शहर बदलता जा रहा है.

लेकिन अब खुद पर्यटन अधिकारी भी मानने लगे हैं कि इस रफ्तार को कम करने की जरूरत है.

पर्यटन निदेशक डैनियल लगेन कहते हैं, ''हम जितने ज्यादा लोगों को आकर्षित करते हैं शहर को साफ-सुथरा रखना उतनी ही बड़ी चुनौती बन जाती है. अगर हम अधिकतम पर्यटकों की संख्या को तय कर सकें तो मैं उसके लिए तैयार हूं.''

डैनियल लगेन के अनुसार सैलानियों की संख्या निर्धारित करना आसान नहीं होगा और इसलिए उन्हें कोई और उपाय खोजना होगा.

मेयर बर्गिन भी यही चाहते हैं कि जरमैट को और फैलने से रोकना होगा.

बर्गिन कहते हैं, ''मैं नहीं चाहता कि जरमैट शहर डिजनीलैंड बन जाए. हमें यहीं रहना है और हमारे बच्चों को यहां एक शहर की तरह बड़ा होना है ना कि किसी पर्ययटक स्थल की तरह.''

लेकिन साथ ही बर्गिन ये भी कहते हैं कि ये संतुलन बनाना आसान नहीं है क्योंकि वहां आने वाले पर्यटक सब कुछ ऐसा चाहते हैं जैसा कि डिजनीलैंड में होता है.

इस परिस्थिति पर थोड़ी नाराजगी जताते हुए मेयर बर्गिन कहते हैं, ''हम लोग सिर्फ पर्यटकों के लिए नहीं बने हैं, ये मेरी जिंदगी है, ये मेरा शहर है और ये मेरे बच्चों के लिए है.''

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