अबू हमजा को अमरीका भेजा जाएगा

अबू हमजा
Image caption अबू हमजा ब्रिटेन में सात साल की सजा काट रहे हैं

यूरोपीय मानवाधिकार अदालत ने आतंकवाद से जुड़े पांच लोगों को ब्रिटेन से अमरीका प्रत्यर्पण करने को सही ठहराया है.

अदालत ने प्रत्यर्पण वैध ठहराते हुए अबू हमजा, बाबर अहमद और तीन अन्य की प्रत्यर्पण को स्वीकृति दे दी है.

इन लोगों ने प्रत्यर्पण का विरोध करते हुए ये दलील दी थी कि अमरीका में लंबे समय तक कालकोठरी में कैदी बना कर रखा जाना दुर्व्यवहार करने जैसा होगा.

लेकिन मानावधिकार कोर्ट ने कहा कि आजीवन कारावास और लंबी सजा कट रहे इन लोगों को अमरीका प्रत्यर्पण करने से उनके मानाधिकारों का हनन नहीं होगा.

अदालत का ये फैसला 9/11 के बाद एक अहम फैसला है क्योंकि इससे निर्धारित होता है कि किन परिस्थितियों में अमरीका ब्रिटेन से आतंकवाद में जुड़े लोगों को प्रत्यर्पित करवा सकता है.

ब्रितानी नागरिक

मिस्र में पैदा हुए 47 वर्षीय अबू हमजा अल मसरी एक ब्रितानी महिला से शादी के बाद 1981 में ब्रिटेन के नागरिक बन गए थे.

वे लंदन के उत्तरी हिस्से फ़िंसबरी पार्क की मस्जिद के इमाम थे मगर उनपर राजनीतिक और व्यक्तिगत भाषण देने का आरोप लगाया गया और 2003 में उनके भाषण देने पर पाबंदी लगा दी गई थी.

वर्ष 2004 में अमरीका ने उन पर 'आतंकवाद' से जुड़े 11 आरोप लगाए. अमरीका चाहता है कि ब्रिटेन उन्हें प्रत्यर्पित करे.

हत्या और नस्लीय नफरत फैलाने के आरोप में अबू हमजा ब्रिटेन में सात साल की जेल की सज़ा काट रहे हैं.

वहीं एक दूसरे कैदी बाबर अहमद को करीब आठ साल से बिना सुनवाई के कैद में रखा गया है.

उनके एक प्रवक्ता ने कहा कि वो प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करेंगे.

संबंधित समाचार