मिस्र राष्ट्रपति चुनाव: भांति-भांति के उम्मीदवार

मिस्र के पूर्व उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान के समर्थक इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption मिस्र में नया राष्ट्रपति चुनने के लिए मई और जून में दो चरणों में मतदान होगा.

होस्नी मुबारक के सत्ता से हटने के एक साल बाद अब मिस्र के लोग नए राष्ट्रपति चुनने की तैयारी कर रहे हैं. मतदान दो चरणों में मई और जून में होगा.

इस चुनाव के लिए अभी से बहुत से लोग अपनी उम्मीदवारी पेश कर रहे हैं. इनमें एक पूर्व विदेश मंत्री से लेकर कई आम नागरिक भी शामिल हैं, ऐसे लोग शामिल हैं जिनके बारे में बहुत लोग नहीं जानते.

कब्रिस्तानों में कुरान पढ़कर गुजारा करने वाले सामी इब्राहिम अब्दुल लतीफ भी चुनाव के उम्मीदवारों की दौड़ में शामिल हैं. लतीफ़ नील डेल्टा के एक गांव के रहने वाले हैं और उनके पास प्रचार के लिए पैसा भी नहीं है. वो कहते हैं कि उनका उद्देश्य गरीबों की मदद करना है.

लतीफ कहते हैं, “राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले तो मैं लोगों की बातें सुनूंगा और उनका साथ दूंगा.”

कैसे-कैसे उम्मीदवार

उन्हीं की ही तरह सैकड़ों मिस्रवासियों ने अपना नाम इन चुनावों के लिए आगे रखा है. मतपत्र में नाम दर्ज होने के लिए किसी भी उम्मीदवार को तीस हज़ार लोगों का समर्थन जुटाना होगा.

इनमें शवों को दफन के लिए तैयार करने वाला एक व्यक्ति, एक तथाकथित सुधर चुका चोर और एक फोटोग्राफर भी इनमें शामिल हैं.

मगर बहुत लोग कहते हैं कि लतीफ जैसे लोगों का चुनाव में खड़ा होना सही नहीं है. लेकिन ऐसा ही हो रहा है.

उम्मीदवारों की दौड़ में ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें यकीन है कि उनमें राष्ट्रपति बनने की काबलियत है.

ऐसा ही एक व्यक्ति पेशे से फोटोग्राफर है जिसने एक टीवी चैट शो में प्रस्तुतकर्ता को बहुत शान से कहा, "मैं एक उम्मीदवार नहीं हूं, मैं मिस्र का अगला राष्ट्रपति हूं. मुझे यकीन है कि मैं मिस्र का अगला राष्ट्रपति ही हूं."

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Image caption पूर्व विदेश मंत्री अम्र मूसा मिस्र के राष्ट्रपति पद के चुनाव में एक प्रमुख उम्मीदवार हैं.

काहिरा के एक निम्नवर्गीय इलाके में फ्रीडम कैफे के मालिक फरगल अबु-दिएफ अतिया हैं जिन्हें उम्मीद है कि जल्द ही वो अपने कैफे का नाम बदल कर राष्ट्रपति या प्रेज़ीडेंट कैफे कर सकेंगे क्योंकि वो भी राष्ट्रपति पद के दावेदारों में से एक हैं.

अतिया ने बीबीसी को बताया, "पुराने शासन या व्यवस्था में हम सबकी जिंदगी में बहुत मुश्किलें आईं. प्रशासन हमें बेफकूफ समझता था. वे पूरे देश से ऐसा बर्ताव करते थे मानो हम गूंगे और बहरे हो.”

प्रमुख दावेदार

एक तरफ ये आम नागरिक हैं और दूसरी तरफ अरब लीग के पूर्व प्रमुख अम्र मूसा जो होस्नी मुबारक के शासन काल में दस साल तक विदेश मंत्री भी रहे.

जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक मूसा राष्ट्रपति पद के प्रमुख दावेदार हैं.

मूसा के मुख्यालय में आपको बहुत सारे कार्यकर्ता दिखेंगे. इनमें विशेषज्ञों की कई टीमे भी हैं जो मूसा के चुनाव अभियान के हर पहलू पर काम कर रही हैं.

लेमिया केमिल भी ऐसी ही एक टीम की सदस्य हैं.

उन्होंने बताया, "मैं अम्र मूसा के चुनाव अभियान की प्रचार अधिकारी हूं. हमारे यहां प्रचार विभाग है, मीडिया विभाग और फील्ड विभाग है यानी वो हजारों लोग जो असल में जमीनी स्तर पर काम करते हैं.”

अम्र मूसा की टीम में शामिल हैं अशरफ़ सुलेमान भी जो उनके मुख्य रणनीतिज्ञ और वरिष्ठ राजनीतिक सलाहकार हैं.

सुलेमान कहते हैं कि उनके उम्मीदवार का उद्देश्य पिछले 30-40 साल के खराब प्रबंधन और संसाधनों की बरबादी के बाद मिस्र का नवनिर्माण है.

मिस्र के पांच हज़ार साल के इतिहास में केवल तीन लोगों ने ही चुनाव लड़ा है. लेकिन अब मिस्रवासियों के पास नया राष्ट्रपति चुनने के लिए सैकड़ों उम्मीदवार हैं.

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