पेशे ऐसे भी...

 गुरुवार, 12 अप्रैल, 2012 को 06:35 IST तक के समाचार

आदिल का कहना है कि वॉइस ओवर आर्टिस्ट का पेशा अच्छी खासी कमाई का ज़रिया बन सकता है

विभिन्न पेशों से जुड़े पेचीदे सवालों का जवाब आप तक पहुंचाने के लिए अब से हर शनिवार बीबीसी हिंदी सेवा आपकी मुलाकात ऐसे पेशेवर व्यक्तियों से करवाएगी, जिनका काम अपने ही आप में अनूठा हो.

पहली कड़ी में बीबीसी संवाददाता शालू यादव ने बात की वॉयस ओवर आर्टिस्ट आदिल खान से.

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वॉयस ओवर आर्टिस्ट के बारे में पेशेवर तौर पर कम सुनने को मिलता है. विस्तार से बताएं कि वॉयस ओवर आर्टिस्ट का काम आखिर क्या होता है?

वॉयस ओवर आर्टिस्ट एक वो इंसान होता है जो अक्सर पर्दे के पीछे से अपनी आवाज देता है. वॉयस ओवर देना कई प्रकार में बांटा जा सकता है, जैसे किसी की आवाज की नकल करना या फिर किसी विज्ञापन और किरदार को अपनी आवाज देना.

लेकिन इस पेशे को करियर के तौर पर नहीं देखा जाता...

देखिये इस पेशे के बारे में कम इसलिए सुनने को मिलता है क्योंकि लोग ज्यादातर उन चेहरों के बारे में सोचते हैं जो उनकी आंखों के सामने देखने को मिलता है. उन्हें लगता है कि वो जिस किरदार को सामने देख रहे हैं, उसकी ही आवाज उन्हें सुनने को मिलती है.

लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि उस किरदार को दी गई आवाज किसी वॉयस ओवर आर्टिस्ट की हो. पर्दे के पीछे की आवाज चूंकि दिखाई नहीं देती, तो लोग उसके बारे में जानने की कोशिश भी नहीं करते.

लोग सोचते हैं कि वॉयस ओवर आर्टिस्ट केवल पार्ट-टाइम नौकरी के तौर पर की जाती है, लेकिन ऐसा नही है. फ़ुल-टाइम वॉयस ओवर आर्टिस्ट के लिए इस पेशे में बहुत सी संभावनाएं मौजूद हैं और तनख्वाह भी अच्छी है. ये सिर्फ समाज का नजरिया है जो बहुत सीमित है, इसके अलावा इस पेशे से जुड़ी शंकाएं भ्रामक है.

तो ऐसे सामाजिक परिदृश्य में आपने इस पेशे को करियर के रूप में क्यों और कैसे चुना?

मुझे शुरू से लोगों की नकल करने का शौक था. जब मैं स्कूल में था, तो अलग-अलग आवाजों में बोला करता था तो कभी अलग-अलग जानवरों की आवाज निकालता था. बस ये शौक कब करियर बन गया पता ही नहीं चला.

नकल तो आप खूब अच्छी कर लेते हैं, लेकिन ये बताइए कि कितना चुनौतिपूर्ण होता है खुद को एक किरदार में ढालना और उसकी नकल करना?

देखिये अगर आपने अपने शौक को अपना पेशा बनाया है, तो उससे जुड़ा कोई भी काम आपको चुनौतिपूर्ण नहीं लगता. अगर आप एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट नहीं थे और आप संयोग से बन गए, तो शायद इस पेशे में आपको दिक्कत आ सकती है. ऐसे में किसी किरदार में ढलना चुनौतिपूर्ण हो सकता है.

इसके अलावा इस पेशे से जुड़ी एक बुनियादी चीज ये है कि आपको अपने गले का थोड़ा खयाल रखना जरूरी है. थोड़ा रियाज भी जरूरी है.

बहुत ही नायाब कला है ये, लेकिन क्या कोई कॉलेज या संस्थान इस कला को सिखा सकती है या ये एक स्वाभाविक कला है जो सिखाई नहीं जा सकती?

जहां तक नकल करने की बात है, तो वो कला आप पैसे देकर नहीं सीख सकते. ऐसा करना इस पेशे के साथ बेगुनाही होगी. ये कला आपके भीतर खुद-ब-खुद पैदा होती है.

और अब लाख टके का सवाल – आपके हिसाब से ऐसी कौन सा गुण है जिसके बिना वॉयस ओवर आर्टिस्ट नहीं बना जा सकता?

मैं ये कहूंगा कि वोइस ओवर आर्टिस्ट का पेशा उस व्यक्ति के पेशे से मिलता-जुलता है जो लोगों को विश्वास जीत कर उन्हें कोई सामान बेचने में कामयाब होता है. इन दोनों पेशेवरों में एक गुण समान होता है. वो गुण है सामने वाले शख्स को समझने के लिए उसके भीतर उतर जाना. अगर आप किसी दूसरे इंसान को समझने में कामयाब रहते हैं, तभी आप उसका किरदार निभा सकते हैं.

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