मिश्र में राष्ट्रपति चुनावों के उम्मीदवारों पर रोक

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Image caption उमर सुलेमान पूर्व में होस्नी मुबारक के सहयोगी रह चुके हैं.

मिस्र में चुनाव अधिकारियों ने दस उम्मीदवारों पर आगामी राष्ट्रपति चुनावों में खड़े होने पर रोक लगा दी है जिनमें खुफिया पुलिस के पूर्व प्रमुख उमर सुलेमान और मुसलिम ब्रदरहुड के खैरात अल सत्तार शामिल हैं.

जिन उम्मीदवारों पर रोक लगाई गई है उनमें कट्टरपंथी सलाफी नेता हाज़ेम सलाह अबू इस्माइल और लंबे समय से विपक्ष के नेता रहे अयमान नूर भी शामिल हैं.

जिन उम्मीदवारों पर रोक लगी है उनके पास अपील के लिए 48 घंटे का समय है. इस प्रतिबंध के बाद अब चुनाव मैदान में 13 उम्मीदवार बचे हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि यह फैसला आश्चर्यजनक है और इसका असर पूरे चुनावी परिणाम पर भी पड़ेगा.

जिन लोगों पर रोक लगी है उनके समर्थकों ने इस फैसले पर गुस्सा जताया है और राजधानी काहिरा में इस फैसले के विरोध में प्रदर्शन होने की उम्मीद है.

पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के सत्ता छोड़ने को एक साल से अधिक का समय हो गया है और अब मई महीने में राष्ट्रपति चुनावों का पहला दौर होगा.

संवाददाताओं का कहना है कि मुबारक के सहयोगी रहे उमर सुलेमान पर लगे प्रतिबंध के विरोध में प्रदर्शन जल्दी ही शुरु हुए. कहा जाता है कि सुलेमान ने आखिरी समय में उम्मीदवारी की थी और इसके लिए ज़रुरी हस्ताक्षर नहीं जुटा पाए थे जिसके कारण उन पर प्रतिबंध लगाया गया.

इसके अलावा अबू इस्माइल पर रोक लगाने का कारण उनकी मां का अमरीकी नागरिक होना बताया गया है.

मुसलिम ब्रदरहुड के नेता सत्तार पर प्रतिबंध लगाने की वजह पूर्व में उन पर साबित पर आपराधिक मामला रहा है. 2005 में मुबारक को चुनौती देने वाले अयमान नूर को भी इसी तरह के एक कारण के तहत प्रतिबंधित किया गया है.

कुछ दिनों से ही उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द किए जाने की अफवाहें चल रही थीं जिसके बाद ये घोषणा की गई है. अबू इस्माइल पर रोक की आशंका पहले ही जताई गई थी जिसके कारण मुसलिम ब्रदरहुड ने सत्तार के रुप में दूसरा उम्मीदवार भी मैदान में रखा था.

मिस्र में हालांकि संसदीय चुनाव हुए हैं लेकिन अभी भी सैन्य काउंसिल की सरकार है. संसद में ब्रदरहुड के समर्थन वाली फ्रीडम एंड जस्टिस पार्टी सबसे बड़े दल के रुप में उभरी है.

ऐसा माना जा रहा है कि कुछ उम्मीदवार चुनाव अधिकारियों के फैसले का कड़ा विरोध करेंगे और इसे चुनौती देंगे.

सत्तार के प्रवक्ता मुराद मुहम्मद अली का कहना था, ‘‘ हम राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेंगे. मुबारक के पुराने शासन की कोशिश है कि शासन के बदलाव के आखिरी दौर को प्रभावित कर के पुरानी व्यवस्था लाई जाए.’’

अबू इस्माइल के वकील ने भी चुनाव अधिकारियों के फ़ैसले का विरोध करने की बात कही है.

अभी भी राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल मुख्य उम्मीदवारों में अरब लीग के पूर्व प्रमुख अम्र मूसा, उदारवादी इस्लामी पार्टी के अब्दुल मोनेयम अब्दुलफोतोह और पूर्व प्रधानमंत्री अहमद शफीक हैं.

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