सीरिया जाएंगे 50 नए पर्यवेक्षक

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Image caption सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि दूसरे कई इलाकों में भी विद्रोहियों पर गोलीबारी की जा रही है.

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में सीरिया संकट के मुद्दे पर पहली बार कोई समझौता स्वीकार किया गया है.

समझौते के तहत 30 तक की संख्या वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के दल को सीरिया में शांति प्रक्रिया पर नजर रखने की अनुमति दी गई है. सीरिया में शांति बहाल करने की संधी गुरुवार सुबह से लागू की गई थी.

तब से अब तक हिंसा की कई घटनाएं अंजाम ले चुकी है. कार्यकर्ताओं के अनुसार सीरिया में शनिवार को करीब 30 लोग मारे गए थे, जिसमें से कई होम्स शहर में हुई गोलीबारी में मारे गए.

बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर के अनुसार, “पर्यवेक्षकों के दल की पहली जरूरत है कि वो शांति प्रक्रिया को फिर से बहाल करे. युद्धविराम के बावजूद अभी भी कई इलाकों में हिंसा हो रही है.”

सरकार और विद्रोही पक्ष दोनों एक दूसरे को हिंसा के लिए दोषी ठहरा रहे हैं.

हिंसा जारी

विद्रोहियों का कहना है कि सरकारी सेना होम्स में टैंक और रॉकेटों से हमले कर रही है.

उनका कहना है कि दूसरे कई इलाकों में भी विद्रोहियों पर गोलीबारी की जा रही है.

इधर सरकार का कहना है कि “हथियारबंद चरमपंथी” सुरक्षाबलों पर खूनी हमले कर रहें है ताकि कोफी अन्नान का छह सूत्रीय शांति प्रस्ताव बेअसर साबित हो जाए.

नए पर्यवेक्षकों के लिए ऐसी स्थिती में कोई रास्ता निकालना एक चुनौती साबित हो सकती है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार पर्यवेक्षक सीरियाई अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर इलाकों में दौरा करने पर ध्यान केन्द्रित कर सकते हैं.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा है कि वो पर्यवेक्षकों के दल की संख्या को बढ़ाकर 250 किए जाने का प्रस्ताव जल्द रखेंगे.

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