काबुल: सेना और तालिबान की मुठभेड़ में 47 मरे

 सोमवार, 16 अप्रैल, 2012 को 16:47 IST तक के समाचार

काबुल में इसे छह महीनों में सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हमला करनेवाले सभी हमलावर मारे गए हैं. रविवार को तालिबान ने काबुल में अफगान संसद, कई पश्चिमी देशों के दूतावासों और देश के कई प्रांतों में हमले किए.

अफगानिस्तान के गृह मंत्री बेसमिल्लाह मोहम्मदी के मुताबिक इस मुठभेड़ में कुल 47 लोग मारे गए. इनमें से 36 तालिबान लड़के हैं.

मोहम्मदीने कहा, "अफगान सेना की हिम्मत, कोशिशों और बलिदान की वजह से सभी चरमपंथी मारे गए हैं."

अधिकारियों के मुताबिक दो संदिग्ध आत्मघाती हमलावर पकड़े भी गए हैं. अफगान सरकार के मुताबिक इनका इरादा देश के उपराष्ट्रपति मोहम्मग करीम खलीली को मारने का था.

अफगान पुलिस प्रमुख के प्रवक्ता ने बताया कि शहर के पश्चिमी इलाके में संसद के पास लड़ रहा आखिरी हमलावर सोमवार तड़के मारा गया.

इससे पहले सुरक्षा बलों ने चरमपंथियों को राजधानी के केंद्रीय इलाके से बाहर कर दिया. इसी इलाके में कई देशों के दूतावास हैं.

तालिबान जिम्मेदार

राजधानी काबुल के अलावा चरमपंथियों ने लोगार, पकतिया और नांगहार प्रांतों में भी हमले किए. तालिबान ने इन सभी हमलों की जिम्मेदारी ली है.

काबुल में ब्रितानी, जर्मन और रूसी दूतावासों के साथ साथ नाटो मुख्यालय और अफगान संसद को निशाना बनाया गया. अफगान राजधानी में यह छह महीनों में सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है.

हाल के महीनों में पश्चिमी सेनाओं पर तालिबान के हमले बढ़ गए हैं

हमलों के जवाब में नाटो सेना ने कार्रवाई की जो रात भर चली. जब सोमवार की सुबह लोग जगे तो उन्हें गोलीबारी और आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टरों की आवाजें सुनाई दे रही थीं.

18 घंटे का घमासान

विशेष बल उस निर्माणाधीन इमारत में घुस गए जिसे हमलावर अपने ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे.

वहां से वे 18 घंटे तक ग्रेनेड से चलने वाले रॉकेट और मशीनगनों से अंतरराष्ट्रीय इमारतों को निशाना बनाते रहे जिनमें ब्रितानी और जर्मन दूतावास भी शामिल हैं.

ऐसी भी खबरें हैं कि चरमपंथियों ने कुछ मजदूरों को बंधक बना लिया है.

काबुल में पिछला बड़ा हमला सितंबर में हुआ जब चरमपंथियों ने अमरीकी दूतावास और नाटो के मुख्यालय पर हमला किया.

पिछले हफ्ते ही तालिबान ने बड़े हमलों की धमकी दी थी.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.