नील की मौत का मामला उठाएँगे कैमरन

Image caption जब इंगलैंड के प्रधानमंत्री मंगलवार को चीनी नेताओं से मिलेगें तो नील हेवुड का मामला उठाएगें

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन मंगलवार को लंदन आ रहे चीन के कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं से जब डॉउनिंग स्ट्रीट में मिलेगें, तो वे नील हेवुड की मौत का मामला उठा सकते हैं.

इससे पहले ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री निक क्लेग लंदन में ही पोलित ब्यूरो के दूसरे सदस्य के सामने इसे उठा चुके हैं.

कम्युनिस्ट पार्टी के नेता बो शिलाई की पत्नी गु कैलाई को इस ह्त्या के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है.

इस बीच बीबीसी का मानना है कि चीनी मूल की नील हेवुड की विधवा अगर ब्रिटेन आना चाहती हैं, तो ब्रितानी सरकार इसके लिए तैयार हो जाएगी.

कहा जाता है कि पिछले दिनों नील हेवुड की विधवा वांग लुलु से जब उनके पति के मौत के बारे में पूछा गया था, तो वह काफी परेशान हो गई थी.

रहस्यमय मौत

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वह चीन छोड़कर जाना चाहती है या नहीं. दस साल तक अपनी चीनी पत्नी और दो बच्चों के साथ चीन में रहने वाले नील हेवुड धारा प्रवाह मैंडरिन भाषा बोलते थे. उनके दोनों बच्चों के पास ब्रिटिश पासपोर्ट है.

पिछले साल 15 नवबंर को 41 वर्षीय नील हेवुड चांगक्विंग के एक होटल में मृत पाए गए थे. नील हेवुड की मौत के बाद चीनी अधिकारियों ने कहा था कि उनकी मौत अधिक मात्रा में शराब पीने से हुई थी.

सरकार के इस बयान को हेवुड के परिवार वाले और ब्रिटिश दूतावास ने मान लिया था. लेकिन जब उनके दोस्तों ने सरकार के इस बयान पर ऐतराज जताया, तो ब्रितानी सरकार ने चीनी हुकूमत से इस मामले की फिर से तहकीकात करने की मांग की.

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री विलियम हेग ने अपनी सरकार का बचाव किया और कहा कि उसके विभाग ने बहुत अच्छी तरह से मामले की जांच-पड़ताल की है.

हेग ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग हेवुड के परिवार वालों ने नहीं की थी. साथ ही उनका यह भी कहना था कि विदेश मंत्रालय का काम ऐसे मामलों में दखल देना नहीं है.

विदेश मंत्री ने बीबीसी के वर्ल्ड ऐट वन कार्यक्रम को बताया, "हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने चीन से मांग की थी कि वे इस मामले की जांच कराए कि क्या हुआ था और चीन इसकी फिर से जांच करवा रहा है. हमारे लिए जरूरी यह है कि उस जांच-पड़ताल का क्या हुआ."

ब्रितानी प्रधानमंत्री चीन के पोलित ब्यूरो सदस्य ली चांगचुन से व्यापार, संस्कृति और शिक्षा के बारे में बात करने वाले हैं.

उस समय सरकारी मीडिया ने कहा था कि गु कैलाई और उसकी एक सहयोगी को इसके हत्या से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. साथ ही बो शिलाई को कम्युनिस्ट पार्टी के 25 सदस्यीय पोलित ब्यूरो से 'अनुशासनहीनता उल्लंधन के गंभीर आरोप' में बाहर निकाल दिया था.

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