इटली में कलाकृतियों को जलाकर विरोध

कसोरिया म्यूजियम इमेज कॉपीरइट Casoria Contemporary Art Museum
Image caption कला संस्थान बजट कटौती से नाराज हैं

इटली के एक म्यूजियम ने बजट में कटौती के विरोध में अपनी कलाकृतियों को जलाना शुरू कर दिया है. म्यूजियम का कहना है कि बजट में कटौती के कारण सांस्कृतिक संस्थाएँ बर्बाद हो गई हैं.

नेपल्स में स्थित कसोरिया कंटेम्पररी आर्ट म्यूजियम के एंटोनियो मैनफ्रेडी ने पहली पेंटिंग को आग लगाई.

उन्होंने कहा, "सरकार की उदासीनता के कारण हमारी एक हजार कलाकृतियाँ जला दी जाएँगी."

जलाई गई पहली पेंटिंग फ्रांसीसी कलाकार सेवराइन बरग्यूगनॉन की थी, जिन्होंने इस विरोध का समर्थन किया था और इसे ऑनलाइन देखा भी.

मैनफ्रेडी ने इसे कला युद्ध का नाम दिया है और कहा है कि हर सप्ताह तीन कलाकृतियाँ जला दी जाएँगी.

समर्थन

यूरोप के कई कलाकारों ने भी इसका समर्थन किया है. इनमें वेल्स के शिल्पकार जॉन ब्राउन भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी एक कलाकृति अग्नि को समर्पित कर दी.

बीबीसी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अपनी कलाकृति का नुकसान उनके लिए परेशान करने वाला नहीं रहा है.

उन्होंने कहा, "हम एक समकालीन शैली में काम करते हैं, इसलिए कलाकृतियों को एक बहुमूल्य चीज के रूप में रखने से ज्यादा अहम है कलाकृति बनाने की प्रक्रिया और लोगों से संवाद."

जॉन ब्राउन ने कहा कि कलाकृतियों को जलाना सांकेतिक है और जिस तरह आर्थिक संकट से निपटा जा रहा है, उसके खिलाफ प्रदर्शन का एक तरीका है.

इटली के कर्ज संकट के कारण पिछले साल प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी को पद छोड़ना पड़ा था. उनके इस्तीफे के बाद से सरकार ने खर्चों में कटौती और अन्य कड़े वित्तीय सुधारों की घोषणा की है.

नुकसान

कला संस्थानों का कहना है कि देश की आर्थिक स्थिति के कारण काफी नुकसान हुआ है क्योंकि सरकारी सब्सिडी और चैरिटेबल दान लगातार कम होते जा रहे हैं.

इटली की शीर्ष आर्ट गैलरियों में से एक मैक्सी म्यूजियम ऑफ कंटेम्पररी आर्ट का कहना है कि वर्ष 2011 में उनकी आर्थिक सहायता में 43 प्रतिशत की कटौती की गई है.

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक ठिकानों में से एक पॉम्पेई की अनदेखी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है. इस प्राचीन शहर की कई इमारतें पूरी या आंशिक रूप से ढह गई हैं. इनमें 'हाउस ऑफ ग्लेडिएटर्स' भी शामिल है, जो 18 महीने पहले गिर गया था.

हालाँकि प्रधानमंत्री मारियो मोंटी ने इस महीने के शुरू में साढ़े दस करोड़ यूरो की परियोजना की घोषणा की थी, जिसके तहत इन इमारतों को दोबारा खड़ा करना था.

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