फ़्रांस में राष्ट्रपति पद के लिए मतदान

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Image caption सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार फ्रंस्वां ओलांड और राष्ट्रपति निकोला सर्कोजी

गहराते यूरोज़ोन संकट और बढ़ती बेरोजगारी के बीच फ़्रांस के मतदाता अपना अगला राष्ट्रपति चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं.

मौजूदा राष्ट्रपति निकोला सर्कोजी एक मज़बूत फ़्रांस को बचाए रखने के नाम पर चुनाव लड़ रहे हैं. सार्कोजी के मुख्य प्रतिद्वंदी समझे जाने वाले सोशलिस्ट उम्मीदवार फ्रंस्वां ओलांड कह रहे हैं कि "अब सरकार चालाने की बारी सोशलिस्टों की है."

यूं तो मैदान में 10 उम्मीदवार हैं लेकिन अगर किसी उम्मीदवार को 50 फ़ीसदी से अधिक वोट नहीं मिले तो मई छह को दूसरे दौर का मतदान होगा.

मुख्य उम्मीदवार

राष्ट्रपति सार्कोजी जो कि 2007 से सत्ता में हैं उन्होंने चुनावों में वादा किया है कि अगर वो दोबारा चुने जाते हैं तो फ़्रांस के लम्बे चौड़े बजट घाटे को कम करेगें और उन लोगों पर कर लगाएगें जो कर संबंधी कारणों से देश छोड़ कर बाहर बस गए हैं.

दूसरी तरफ फ्रंस्वां ओलांड ने बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के अलावा उन लोगों पर और अधिक कर लगाने की पेशकश की है जो साल में दस लाख यूरो से ज़्यादा कमाते हैं.

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Image caption मैरीन ले पैन अति-दक्षिणपंथी उम्मीदवार हैं

ओलांड नून्यतम वेतन भी बढ़ना चाहते हैं साथ भी उन्होंने वादा किया है कि वो 60000 नए शिक्षकों की नियुक्तियां करेगें इसके आलावा वो कुछ अन्य शिक्षकों के लिए रिटायमेंट की उम्र 62 से घटा कर 60 करना चाहते हैं.

अगर ओलांड जीत जाते हैं तो वो फ्रंस्वां मितरां के बाद पहले सोशलिस्ट राष्ट्रपति होंगें. फ्रंस्वां मितरां 1981 से लेकर 1995 के बीच में दो बार सात-सात वर्षों के कार्यकाल केलिए राष्ट्रपति थे. अब फ्रांसीसी राष्ट्रपति का कार्यकाल साथ वर्षों से घट कर पांच वर्ष कर दिया गया है. अगर सार्कोजी हार जाते हैं तो वो 1981 के बाद पहले ऐसे राष्ट्रपति होंगें जो लगातार दो बार नहीं जीते.

असंतोष

फ़्रांस में अगर आम मतदाताओं की सुनी जाए तो वेतन, पेंशन, कर और बेरोज़गारी उनके लिए सबसे बड़ी समस्याएं हैं जिनका वो निदान चाहते हैं.

फ़्रांस में सर्कोजी के भड़कीले अदाज़ और ओलांड के अत्यधिक सादे अंदाज़ के कारण दक्षिणपंथी उम्मीदवारों को खासी मदद मिल रही है.

मैरीन ले पैन एक अति-दक्षिणपंथी और उनका मुख्य मुद्दा फ़्रांस में बाहरी लोगों की मौजूदगी है.

दूसरी तरफ वामपंथियों के समर्थन से ज्यां लुक मेलांश खड़े हुए हैं.

एक अन्य उम्मीदवार फ्रांस्वा बएरू तीसरी बार मैदान में हैं और 2007 के चुनावों में उन्हें करीब 19 फ़ीसदी मत मिले थे.

फ़्रांस में इन राष्ट्रपति चुनावों के बाद जून में संसदीय चुनाव होंगें.

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