'जन्नत' को पर्यटकों से खतरा ?

जरमैट
Image caption पर्यावरणविदों का मानना है कि पर्यापरण संरक्षण के लिए किए जा रहे उपाय नाकाफी हैं

गर्मियों की छुट्टियां आने वाली हैं और आप में से भी कई लोग घूमने फिरने की तैयारियों में जुटे होंगे. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई पर्यटन स्थल जरूरत से ज्यादा सफल कब हो जाता है ?

इसी सवाल का जवाब स्विटजरलैड के सबसे चर्चित रिसोर्ट जरमैट के लोग ढूंढ रहें है.

दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों की गिनती हो तो उसमें जरमैट का स्थान जरूर आएगा. समुद्र तट से 3800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस शहर पर पहुंच कर वाकई जन्नत का एहसास होता है. इसके एक तरफ मैटरहॉर्न पहाड़ी है तो दूसरी तरफ मोंट ब्लैंक है.

इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि जरमैट में हर साल लाखों लोग छुट्टिया बिताने आते है.

तो आखिर इस रिसॉर्ट को संभालने वाले लोग इतने आगंतुकों के बीच अपनी अदभुत प्राकृतिक संपदा कैसे संजो कर रख पाएंगे. यही सवाल जरमैट के अधिकारियों के सामने खड़ा है. इसका कम से कम एक जवाब मोटरहॉर्न केबल कार कंपनी के कर्ट गंटली के पास है.

गंटली कहते हैं, "ये सामने जो बर्फीली चट्टान पर आपको शीशे की बनावट दिख रही है, वो असल में एक रेस्टोरेंट है जिसमें एक सोलर पैनल लगा है जिससे बन रही उर्जा से बत्तियां और मशीने चलती है. लिहाजा यहां आने वाले लोगों के लिए जितने उर्जा की जरूरत होती है उतना यहां करीब 4000 फुट की उंचाई पर ही अर्जित कर लिया जाता है."

रेस्तरां को पुरस्कार

सैकड़ों फुट की उंचाई पर स्थित इस रेस्तरां के लिए जरमैट को यूरोपीय सोलर पुरस्कार भी दिया गया है.

यहाँ की खास बात ये है कि यहां की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पहाड़ियों को नुकसान पहुंचाकर बिजली के तारों के जाल नहीं बिछाए गए है.

उर्जा रेस्तरां की छत पर ही पैदा कर ली जाती है. हालांकि शहर के मेयर क्रिस्टोफ बर्जिन का कहना है कि ये उपाय नाकाफी है.

क्रिस्टोफ ने कहा, "साल के अंत में यहां आने वाले लोगों की संख्या पांच गुना तक बढ़ जाती है. हमारे यहां करीब 40 चार सितारा होटल है लिहाजा आप सोच सकते है कि सुबह के वक्त जब लोग नहाते है जब कितने पानी की जरूरत पढ़ती है. दूसरी सबसे बड़ी समस्या कूड़े के निस्तारण से जुड़ी है. हर साल यहां छह हजार टन कूड़ा इकट्ठा होता" है.

जरमैट की सड़कों पर कार चलाना प्रतिबंधित है. यहां केवल होटलों की बैटरी चालित कारें चलाई जाती है.

हर साल यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जाती है और साथ ही बढ़ती है होटलों की संख्या.

सैलानियों की भीड़

पर्यटन क्षेत्र के मजबूत होने के अपने वित्तीय फायदे होते है, लेकिन पर्यावरणविद इवा मारिया का मानना है कि पर्यापरण संरक्षण के लिए किए जा रहे उपाय नाकाफी है.

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Image caption जरमैट शहर खूबसूरत पहाड़ियों से घिरा है.

मारिया कहती है, "पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे उपाय सतही है, इन इमारतों में अच्छी खासी मात्रा में बिजली की जरूरत पड़ती है और ये सब पेट्रोल जलाकर बनाया जाता है. आपको यहां बिजली से चलने वाली गाड़िया दिखेंगी, घोड़े पर चलते लोग दिखेंगे लेकिन समस्या ये है कि यहां के अपार्टमेंट्स में उपयोग हो रही बिजली पेट्रोल से आती है और वो मेरे ख्याल से कोई स्थाई उपाय नहीं है."

साल दर साल बड़े हो रहे जरमैट के नक्शे को देखते हुए वहां के मेयर बर्घिन की योजना शहर को एक बेहतर विकास देने की है.

क्रिस्टोफ कहते है, "मै नहीं चाहता कि जरमैट डिजनीलैड या वैसी ही कोई और जगह बन जाए. ऐसा इसलिए क्योंकि हमें यहीं रहना है और हमारे बच्चों को भी यही बड़ा होना है. ऐसा कर पाना कठिन है क्योंकि पर्यटक इस जगह को डिजनी लैड जैसा ही देखना चाहते है. मै इसके खिलाफ हूं, हम यहां केवल पर्यकों के लिए नहीं है. ये हमारा शहर है और हमें अपने बच्चों के लिए इसे बचाना है."

जरमैट जिस उलझन में फंसा है वैसी ही उलझन में दूसरे कई रिसोर्ट भी फंसे है.

स्विटजरलैड के पहाड़ों की खूबसूरती को देखकर पर्यटक यहाँ खिचे चले आते है लेकिन पर्यटकों की भीड़ जमा हो जाने से जगह की पहचान खो जाने का डर पैदा हो जाता है.

जरमैट के लोगों को पता है कि आसमान को चूमने वाले ये बर्फीले पहाड़ हमेशा वहीं रहेंगे लेकिन यहां के आस-पास का नजारा बेशक बदल गया है.

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