लादेन के सहयोगी की अमरीका में गवाही

Image caption बदात ने अपने को मारने के लिए तैयार कर लिया था लेकिन इंगलैंड लौटने के बाद उसने अपना इरादा बदल दिया

वर्ष 2001 में जहाज को उड़ाने की साजिश करने के लिए जेल में बंद रह चुके ब्रिटेन के साजिद बदात ने न्यूयार्क की एक अदालत को बताया है कि ओसामा बिन लादेन ने उनसे कहा था कि उड्डयन क्षेत्र में हमले करके अमरीका की अर्थव्यवस्था को धराशायी किया जा सकता है.

साजिद बदात ने कहा कि उनकी योजना जूते में छिपे विस्फोटक से सौ यात्रियों को उड़ा देने की थी, लेकिन उसने अंतिम क्षण में अपना इरादा बदल दिया था.

साजिद का रिकार्डेड बयान न्यूयार्क के अदालत में सुनाया जा रहा था.

इससे पहले अभियोग पक्ष को सहयोग करने के कारण बदात को 13 साल की मिली सजा पूरा करने से दो साल पहले ही रिहा कर दिया गया था.

यह भी जानकारी मिल रही है कि साजिद बदात को कैसे इंगलैंड के बाबर अहमद ने चरमपंथी हमले के उकसाया. बाबर अहमद चरमपंथी गतिविधियों के आरोप में पिछले सात साल से भी अधिक समय से जेल में बंद है और प्रत्यावर्तन का इंतजार कर रहा है.

पहले हुई थी रिकार्डिंग

साजिद बदात का एक सप्ताह पहले ब्रिटेन में रिकार्ड किया गया यह बयान सोमवार को ब्रुकलिन की अदालत में सुनाया गया.

2010 में जेल से रिहा होने के बाद उसने अमरीका जाने से मना कर दिया था. बदात को डर था कि अल कायदा के 9/11 के हमले के बाद जूते में रखे बम को बिस्फोट करने के मामले में अमरीका में उसे गिरफ्तार किया जा सकता है.

बीबीसी के गृह मंत्रालय के रिपोर्टर स्टीव स्वान ने कहा कि बदात ने ओसामा बिन लादेन के काम करने के तरीके के बारे में बहुत ही दिलचस्प व्योरा दिया है.

अच्छे स्कूल में पढ़ा था

ग्लोसेस्टर के ग्रामर स्कूल के छात्र रहे 33 वर्षीय बदात ने बताया कि उसने अफगानिस्तान के एक समूह से 1990 के दशक के अंतिम वर्षों में दो साल तक तनख्वाह ली थी.

बदात ने विस्तार से बताया कि कैसे उसने लोगों को विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल करना सिखाया था. हालांकि उसने यह भी कहा कि उसे नहीं लगता है कि उसका कोई छात्र बम विस्फोट किया गया होगा.

बदात ने कहा कि 9/11 के बाद अल–कायदा के नेताओं ने उसे “बुलाकर हवाई जहाज में विस्फोट करने को कहा था.”

बदात के मुताबिक, ओसामा बिन लादेन के साथ आमने-सामने की मुलाकात में लादेन ने किए जाने वाले हमले को सही ठहराया था.

अल-कायदा के नेता ने बदात से कहा, "अमरीकी अर्थव्यवस्था एक जंजीर की तरह है, अगर तुम उस जंजीर का एक लिंक तोड़ देते हो तो पूरी अर्थव्यवस्था धराशायी हो जाएगी.”

अल-कायदा के उस नेता ने कहा, “9/11 के हमले के बाद हवाई जहाज पर कोई भी हमला उड्डयन उद्योग को नष्ट कर देगा और अमरीका की पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी.”

बदात ने बताया कि उसे अंतिम आदेश खालिद शेख मोहम्मद के द्वारा दिया गया. खालिद शेख मोहम्मद वही आदमी है जिसने 9/11 के हमले की जवाबदेही ली थी और जिसके उपर गुंटानामो में सैन्य ट्रिब्यूनल में मुकदमा चला था.

इंगलैंड में बदला इरादा

रिकार्डेड बयान में कोर्ट को बताया गया कि बदात ने खुद को बम विस्फोट में मारने के लिए तैयार कर लिया था लेकिन इंगलैंड वापस लौटने के बाद उसने अपना इरादा बदल दिया.

उसने यह स्वीकार किया कि इरादा बदलने के बाद भी वह अपने बिस्तरे के नीचे बम छुपाकर रखता था.

उसने कहा, “मैंने सिर्फ अपना इरादा बदला था न कि अल कायदा छोड़ा था, अल कायदा के विचारधारा के अनुसार हथियार हमारे साथ होना ही चाहिए था.”

बदात ने बम विस्फोट करने में मदद कर रहे अपने प्रबंधनकर्ता को इमेल लिखा, “आप वेन डैम को बता दें कि वह अकेले इस काम को अंजाम दे.”

उसके साथ हमले के मिशन पर जाने वाले वेन डैम उर्फ रिचर्ड रीड जूते में रखे विस्फोटक से हवाई जहाज को उड़ाने में असफल रहे थे.

जांच-पड़ताल के दौरान जांचकर्ता की लिंक बदात तक पंहुची और 2005 में उसे गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया.

बदात ने बताया कि कैसे किशोरावस्था में घर छोड़ने के बाद उसने दक्षिणी लंदन में रैडिकल इस्लाम के बारे में जाना.

वहां उसकी दोस्ती बाबर अहमद से हुई. बाबर अहमद के उपर चरमपंथी समूहों को इंटरनेट से मदद करने का आरोप है.

जूरी को बताया गया कि कैसे अहमद ने बदात के लिए “हथियार चलाने की ट्रेनिंग की व्यवस्था” कराई और उसे बताया कि “जिहाद का मतलब हथियार उठाना और उससे जंग करना” है.

जेल में पिछले महीने बीबीसी को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में अहमद ने चरमपंथी होने से इंकार किया था.

मानवाधिकार कोर्ट की सहमति

लेकिन यूरोपियन यूनियन के मानवाधिकार न्यायालय ने कहा था कि अहमद का प्रत्यावर्तन किया जा सकता है और उसके उपर चरमपंथी आरोप में अमरीका के कोर्ट में मुकदमा चल सकता है.

अमरीका के बोस्टन के निवासी अदिस मेदुनजानियन ने न्यूयार्क में 2009 सबवे- भूमिगत पथ पर हुए आत्मघाती हमले में अपनी सहभागिता से इंकार किया है.

बदात के 2.30 घंटे की गवाही पूर्वी जिला अदालत के टीवी स्क्रीन पर दिखाया गया. इस गवाही में वह ग्रे रंग का सूट और चमकीला टाई पहने हुआ था और सर पूरी तरह मुंडवाया हुआ था.

लादेन के नाम से सन्नाटा

बीबीसे के लौरा ट्रेवेलीयन के अनुसार उस समय कोर्ट में पूरी तरह शांति छायी हुई थी जब बदात धीमे स्वर में ओसामा बिन लादेन और खालिद शेख मोहम्मद से अपनी मुलाकात के बारे में बता रहा था.

जब उसने 2008 में सुना कि खालिद शेख मोहम्मद का भी 9/11 के मामले में सुनवाई चल रही है तो उसने उसके खिलाफ सबूत देने को सोचा.

अल कायदा के नेताओं के खिलाफ सबूत देने के लिए बदात ने 2009 में फिर से एक सहयोग समझौते पर दस्तखत किए.

बदात को मुखबिर बनने के बदले में पैरोल पर छोड़े जाने के अलावा फोन, इंटरनेट, बेरोजगारी भत्ता और समाज में फिर से वापसी करने के लिए कोर्स कराया जा रहा है.

आज उसके पास नौकरी है और इंगलैंड और अमरीका के अभियोजन पक्ष को मदद करने का दायित्व है.

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