बांग्लादेशी पायलट ने खेत में विमान उतारा

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Image caption विमान का ईंधन खत्म होता देख पायलट ने उसे खेत में ही उतारना बेहतर समझा

पश्चिम बंगाल में धान के खेत में विमान उतारने वाले बांग्लादेशी वायुसेना के ट्रेनी पायलट को गुरुवार को बांग्लादेश के अधिकारियों को सौंप दिया गया है.

कोलकाता में बांग्लादेश की उप उच्चायुक्त आबिदा इस्लाम ने बीबीसी को बताया कि उनके देश के ट्रेनी पायलट ने बहरामपुर में एक सरकारी सर्किट हाउस में रात गुजारी और उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए भारतीय वायुसेना के अस्पताल में ले जाया गया. इसके बाद उन्हें ढाका भेज दिया गया.

अब भारतीय वायुसेना इस विमान की जांच करेगी कि वह उड़ने लायक है या नहीं.

खराब मौसम ने भुलाया रास्ता

पश्चिम बंगाल पुलिस ने ट्रेनी पायलट के हवाले से बीबीसी को बताया कि उन्होंने बुधवार शाम को चीन में निर्मित पीटी-6 विमान के साथ जेसोर वायुसैनिक ठिकाने से उड़ान भरी, लेकिन खराब मौसम के कारण वो रास्ता भूल गए.

पायलट ने आसमान में चक्कर काटते हुए भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश कर लिया. इस दौरान पायलट का अपने हवाई यातायात कंट्रोल ने भी संपर्क टूट गया.

लेकिन कुछ देर बाद ही पीटी-6 का ईंधन खत्म होने वाला था, तभी पायलट ने विमान को एक धान के खेत में उतारने के फैसला किया. यह जगह मुर्शिदाबाद जिले के सालार इलाके में भारत-बांग्लादेश सीमा से 80 किलोमीटर दूर थी.

ग्रामीणों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य को अंजाम दिया गया.

Image caption भारतीय वायुसेना के मुताबिक बांग्लादेश की तरफ किसी तरह का खतरा नहीं है

इस बीच भारतीय सीमा सुरक्षा बलों को बांग्लादेश के बलों ने बताया दिया कि उनका एक विमान लापता हो गया है.

'खतरा नहीं'

वायुसेना के सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश से किसी तरह का खतरा नहीं दिखाई देता, फिर सुरक्षा एजेंसियों ने इस बारे में सवाल उठाए हैं कि कैसे एक विदेशी विमान भारतीय वायुक्षेत्र में दाखिल हो गया और किसी भी रडार सिस्टम को इसके बारे में पता नहीं चला.

कोलकाता में हवाई यातायात कंट्रोल के सूत्रों का कहना है कि उनका रडार सिस्टम ऐसे किसी विमान के सिगनल नहीं पकड़ सकता जो बहुत कम ऊंचाई पर उड़ रहा हो.

वायुसेना के सूत्रों ने यह भी कहा कि बांग्लादेश की तरफ से कोई खतरा नहीं है. इसीलिए तीन स्तरों वाला वायु रक्षा तंत्र भारत-बांग्लादेश सीमा पर उतना मजबूत नहीं है.

भारतीय वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर गैरार्ड गालवे ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

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