सात दिन की बच्ची को त्याग दिया माँ-बाप ने

रोहतक मेडिकल कॉलेज इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption बच्ची को रोहतक की बीडी शर्मा मेडिकल कॉलैज में भर्ती करवाया गया है.

हरियाणा में सात दिन की एक बच्ची को उसके माता-पिता ने जन्म के चंद दिन बाद ही त्याग दिया है.

रोहतक के बी डी शर्मा मेडिकल कॉलेज में पाँच दिन पहले भर्ती की गई ये बच्ची जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रही है और उसके माता-पिता फरार हैं.

अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक बच्ची के माता-पिता उसे सोनीपत से ये कहकर लाए थे कि वहाँ के अस्पताल में इलाज की ठीक सुविधाएँ नहीं थीं.

तीन दिन पहले यानी बृहस्पतिवार को उन्होंने वॉर्ड में भर्ती एक और बच्चे के माता पिता से कहा कि वो खाना खाकर लौटेंगे लेकिन फिर नहीं लौटे.

ये जानकारी अस्पताल की जनसंपर्क अधिकारी सीमा दहिया ने बीबीसी हिंदी सेवा को दी.

उन्होंने कहा,"इस सिलसिले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है. पुलिस ने छानबीन की है लेकिन अभी तक बच्ची के माता-पिता का कोई पता नहीं चला है."

इलाज जारी

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि बच्ची के माता पिता ने बच्ची को भर्ती करवाते समय जो पता लिखवाया था, वहाँ से भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.

उन्होंने कहा कि बच्ची समय से पूर्व पैदा हुई थी और वो पीलिया की बीमारी से ग्रस्त है.

अधिकारियों के मुताबिक बच्ची का इलाज किया जा रहा है लेकिन अभी ये नहीं कहा जा सकता कि वो ख़तरे से बाहर है.

इसी महीने 18 अप्रैल को गुड़गाँव के उद्योग विहार इलाके में एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर को एक भी एक नवजात बच्ची कूड़े के ढेर पर मिली.

हरियाणा में कन्या भ्रूण हत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं, हालाँकि ये गैरकानूनी है.

जनसंख्या आँकड़ों के मुताबिक राज्य में लड़के और लड़कियों के बीच का अनुपात असामान्य रूप से गड़बड़ा गया है.

कुछ इलाकों में हालात इतने गंभीर हैं कि वहाँ के नौजवान लड़के दूसरे राज्यों में जाकर विवाह करते हैं.

संबंधित समाचार