राष्ट्रपति चुनाव : एंटनी करुणानिधि से मिले

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Image caption जुलाई में राष्ट्रपति का चुनाव होना है

राष्ट्रपति चुनाव में आम सहमति बनाने के प्रयासों के तहत रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने डीएमके अध्यक्ष करुणानिधि से मुलाकात की है.

बैठक के बाद एंटनी ने पत्रकारों को बताया कि वह राष्ट्रपति चुनाव के बारे में करुणानिधि के विचारों से सोनिया गांधी को अवगत करा देंगे.

इस बैठक में डीएमके नेता टीआर बालू, राज्यसभा सांसद कनिमोड़ी और पार्टी प्रवक्ता इलांगोवन भी मौजूद थे.

सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्री ने उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के नाम पर डीएमके की सहमति मांगी है. डीएमके ने हामिद अंसारी के नाम पर कोई असहमति दर्ज नहीं की है.

इससे पहले सोनिया गांधी इसी मुद्दे पर एनसीपी के प्रमुख शरद पवार से चर्चा कर चुकी हैं. डीएमके के लोक सभा में 18 और राज्य सभा में 7 सदस्य हैं. उसके तमिलनाडु विधानसभा में 23 विधायक भी हैं.

इस बीच यह खबरें भी आई हैं कि पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के लिए समर्थन जुटाने के लिए जयललिता से संपर्क साधा गया है. अभी उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस विषय पर अपनी राय नहीं जाहिर की है.

कलाम के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश

त्रिणमूल कांग्रेस ने शुरू में संकेत दिए थे कि वह भी राष्ट्रपति पद के लिए कलाम का समर्थन कर सकती है लेकिन अब उसका कहना है कि वह इस बारे में चुनाव की घोषणा हो जाने के बाद ही अपनी राय देगी.

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Image caption पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से अपने आपको अलग नहीं किया है.

समाजवादी पार्टी की तरफ से भी संकेत मिले थे कि वह एक बार कलाम को राष्ट्रपति भवन में भेजने का समर्थन करेंगे लेकिन फिर बाद में इस तरह के संकेत भी मिले कि खुद मुलायम सिंह भी यह पद पाने के लिए लगों का मन टटोल रहे हैं.

कांग्रेस को अपना उम्मीदवार जिताने के लिए त्रिणमूल कांग्रेस का समर्थन बहुत जरूरी है.

इस बीच पूर्व राष्ट्रपति कलाम ने इस पद के चुनाव की उम्मीदवारी से अपने आपको अलग नहीं किया है.

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह दूसरी बार राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हैं तो उनका कहना था कि इस बारे में जानने के लिए उन्हें थोड़ा और इंतेजार करना होगा.

इससे पहले शरद पवार कह चुके हैं कि वह इस पद के लिए गैर राजनीतिक व्यक्ति का समर्थन करेंगे.

इस पद के लिए इन नामों के अलावा ज्ञान आयोग के प्रमुख सैम पित्रोदा, मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का भी नाम लिया जा रहा है.

कांग्रेस और बीजेपी दोनों के पास सिर्फ अपने बूते पर राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने की क्षमता नहीं है.

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