अल-कायदा पर 'जीत' ड्रोन के इस्तेमाल से ही: अमरीका

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Image caption ब्रेनन ने कहा कि ड्रोन हमले कानूनी, जायज और जरूरी हैं

ओसामा बिन लादेन की मौत के एक साल बाद राष्ट्रपति बराक ओबामा के एक वरिष्ठ सलाहकार ने अल-कायदा के खिलाफ अमरीका के ड्रोन हमलों को पूरी तरह से जायज ठहराया है.

अमरीका में एक भाषण के दौरान राष्ट्रपति बराक ओबामा के आतंकवाद निरोधक शीर्ष सलाहकार जॉन ब्रेनन ने कहा, "ड्रोन हमले पूरी तरह वैध, नैतिक, जरूरी हैं और बहुत ही ध्यान से सोच-समझकर किए जाते हैं. अल कायदा बहुत बुरी तरह से हार रहा है. अमरीका के अल कायदा पर युद्ध शुरु करने के बाद पहली बार ऐसी दुनिया की कल्पना की जा सकती है जहाँ अल कायदा बेमानी हो रहा है."

उनका कहना था कि इन हमलों से चरमपंथी संगठनों पर जीत हासिल करने में ड्रोन काफी मद्द कर रहे हैं.

बीबीसी के वाशिंगटन संवाददाता पॉल एडम्स ने कहा है कि यह पहली बार नहीं है कि अमरीका ने ड्रोन हमलों करने की पुष्टि की है. जनवरी के महीने में खुद राष्ट्रपति ने भी यह स्वीकार किया था.

लेकिन उन्होंने कहा कि ब्रेनन ने एक कदम आगे जा कर इसे जायज ठहराया है जिस पर विवाद बरकरार है.

हालाँकि ब्रेनन ने ये भी माना है कि ड्रोन हमलों में कई बार नागरिक भी मारे जाते हैं.

अफगानिस्तान, पाक, यमन में 'जीत'

उन्होंने कहा कि लड़ाई में अल-कायदा बुरी तरह पिछड़ रहा है.

राष्ट्रपति ओबामा के सलाहकार ने कहा कि इस तरह के हमले मेजबान देश की सरकार के सहयोग से और कानून के तहत किए जाते हैं.

ब्रेनन का कहना था कि ड्रोन हमलों की वजह से ही अफगानिस्तान, यमन और पाकिस्तान में अल कायदा के खिलाफ जंग में जीत हासिल हो रही है.

मानवरहित विमानों से हमलों की वजह से अमरीका और पाकिस्तान के बीच संबंधों में तनाव रहा है.

पाकिस्तान इन हमलों को बंद करने के लिए अमरीका से मांग कर चुका है.

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