अमरीका और अफगानिस्तान के बीच सामरिक समझौता

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Image caption राष्ट्रपति पद संभालने के बाद बराक ओबामा की ये तीसरी अफगानिस्तान यात्रा है

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ एक सामरिक समझौते पर दस्तखत किए हैं.

इस समझौते के तहत वर्ष 2014 में अफगानिस्तान में नैटो का अभियान खत्म होने के बाद अगले दस साल तक दोनों देशों के बीच सैन्य और असैन्य संबंध कायम रहेंगे.

इससे पहले बराक ओबामा अघोषित यात्रा पर अचानक अफगानिस्तान पहुंचे. अमरीकी सैन्य कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के ठीक वर्ष बाद अमरीकी राष्ट्रपति अफगानिस्तान पहुंचे हैं.

ओबामा के अफगानिस्तान आने के बाद राष्ट्रपति करजई ने कहा कि युद्ध समाप्त होने के बाद समझौते के तहत अफगानिस्तान और अमरीका की भागीदारी बराबर होगी.

शांति का मार्ग

ओबामा का कहना था कि ये दोनों देशों के हित में है और ये भविष्य की शांति का रास्ता है.

हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि अफगानिस्तान के लिए आने वाला समय आसान नहीं होगा लेकिन आगे चलकर अफगानिस्तान के नागरिकों को ही अपना भविष्य तय करना है.

वॉशिंगटन में बीबीसी संवाददाता पॉल एडम्स का कहना है कि ये समझौता सांकेतिक है और रिश्तों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.

राष्ट्रपति पद संभालने के बाद बराक ओबामा की ये तीसरी अफगानिस्तान यात्रा है.

इस समझौते का एक मतलब ये भी है कि नैटो का अभियान खत्म होने के बाद अफगानिस्तान की जनता ये न सोचे कि वो अलग-थलग पड़ गए हैं.

साथ ही तालिबान के लिए भी ये संदेश है कि वो अमरीकियों के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद सत्ता पर दोबारा काबिज होने की कोशिश न करें.

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