निष्कर्ष न्यायसंगत नहीं, दलगत है: न्यूज कॉर्पोरेशन

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Image caption ब्रिटिश की संसदीय समिति ने कहा है कि रूपर्ट मर्डोक ‘न्यूज कॉरपोरेशन को चलाने के काबिल’ नहीं हैं.

फोन हैकिंग मामले में संसदीय समिति की रिपोर्ट के एक अहम निष्कर्ष की न्यूज कॉर्पोरेशन ने आलोचना करते हुए इसे दलगत बताया है और कहा है ये न्यायसंगत नहीं है.

छह सासंदों वाली मीडिया समिति ने कहा है कि रूपर्ट मर्डोक ‘इंटरनेशनल प्रबंधन कंपनी को चलाने के लिए फिट नहीं’ हैं.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए न्यूज कॉर्पोरेशन ने स्वीकार किया है कि फोन हैकिंग संकट पर उसकी कार्रवाई 'बहुत धीमी' थी.

ब्रिटिश संसद की सांस्कृतिक समिति पत्रकारों, उनके वरिष्ठ सहयोगियों, वकीलों और फोन हैकिंग से पीड़ित लोगों से पूछताछ कर रही थी. यह पूछताछ टेलीफोन हैकिंग के मामले से जुड़ी हुई थी.

उल्लेखनीय है कि न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड अखबार लोगों के फोन हैक करने के आरोप लगे थे जिसके बाद उसे बंद कर दिया गया.

ब्रिटेन की संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट को समाप्त करते हुए कहा है कि रूपर्ट मर्डोक की कंपनी, न्यूज कॉर्पोरेशन में जब ये सब चल रहा था तो कंपनी के मालिक रुपर्ट मर्डोक ने ‘जानबूझकर’ इसे अनदेखा किया था.

हालांकि समिति में शामिल टोरी पार्टी के चार सासंदों ने इस रिपोर्ट से असहमति जताई है और इसे ‘पक्षपातपूर्ण’ करार दिया है.

कंजरवेटिव सांसद लुईस मेंच ने इसे ‘वास्तव में शर्मनाक’ घटना की संज्ञा देते हुए कहा है कि इससे रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर ‘धब्बा’ लगा है क्योंकि इस रिपोर्ट को लेबर और लिबरल डेमोक्रेट सांसद समर्थन कर रहे हैं.

'फिर से मांगी माफी'

उधर न्यूज कॉर्पोरेशन ने जारी अपने एक बयान में कहा है कि वे ‘सावधानी पूर्वक रिपोर्ट का अध्ययन’ कर रहे हैं. न्यूज कॉर्पोरेशन ने अपने बयान में आगे कहा है, “हमारी कंपनी न्यूज ऑफ द वर्ल्ड की तरफ से हुई गलती को स्वीकार करती है और उनसे माफी मांगती है जिन्हें हमारे कारण निजी जिंदगी में परेशानी उठानी पड़ी.”

हालांकि महत्वपूर्ण बात यह है कि संसदीय समिति के पास कंपनी के ऊपर कानूनी प्रतिबंध लगाने का कोई अधिकार नहीं है. लेकिन समिति इस मसले को संसद में उठा सकता है और सबंधित व्यक्ति को संसद में आकर मांफी मांगनी पड़ सकती है.

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