97 वर्षीय बने दुनिया के सबसे बुजुर्ग स्नातक

ऑस्ट्रेलिया के एलैन स्टीवर्ट इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption 97-वर्ष की उम्र में क्लिनिकल साइंस में स्नातोक्तर डिग्री हासिल करने वाले एलैन स्टीवर्ट कहते हैं कि कुछ नया सीखने की कोई उम्र नहीं होती.

पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती और इस बात को साबित करते हैं ऑस्ट्रेलिया के एक 97 वर्षीय बुजुर्ग.

स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक 97 वर्षीय एलैन स्टीवर्ट स्नातोक्तर की डिग्री पाने वाले दुनिया के सबसे बड़ी उम्र के व्यक्ति बन गए हैं.

मजे की बात ये है कि उनके नाम दुनिया के सबसे बड़ी उम्र के स्नातक होने का रिकॉर्ड पहले से ही दर्ज है. यानी एलैन ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है.

वर्ष 2006 में 91 वर्ष की उम्र में कानून में स्नातक डिग्री लेकर एलैन पहली बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में आए थे और अब उन्हें सर्दन क्रॉस युनिवर्सिटी से क्लिनिकल साइंस में स्नातोक्तर डिग्री मिली है.

उम्र की सीमा नहीं

वैसे एलैन का पढ़ाई का शौक नया नहीं है. उन्होंने 1936 में डेंटिस्ट्री में डिग्री हासिल की थी और तब से ये उनकी चौथी डिग्री होगी. खुद को मानसिक रूप से सक्रिय रखने के लिए उन्होंने 80 के दशक में फिर से पढ़ाई शुरु की थी.

एलैन स्टीवर्ट का जन्म 1915 में हुआ था. उनके छह बच्चे, 12 पोते-पोतियां और छह पड़पोते-पोतियां हैं.

वह एक डेंटिस्ट थे और उन्होंने दूसरी डिग्री डेंटल सर्जरी में हासिल की थी.

उनकी तीसरी डिग्री कानून में थी. अमूमन इसमें छह साल का समय लगता है लेकिन एलैन ने ये पढ़ाई पांच साल में ही पूरी कर ली क्योंकि उनके शब्दों में, "मेरे लिए समय बहुत कीमती है और मैं जल्द-से-जल्द पढ़ाई पूरी करना चाहता हूं क्योंकि ग्रैजुएट होने तक मैं जिंदा न रहा तो क्या होगा."

स्नातोक्तर डिग्री मिलने से पहले एलैन ने एएफपी समाचार एजेंसी को बताया था, "मुझे लगता है कि इसके बाद मैं पढ़ाई बंद कर सकता हूं हालांकि यही बात मैंने पिछली डिग्री पाने के बाद भी कही थी लेकिन उसके बाद मैं बोर हो गया.''

एलैन स्टीवर्ट मानते हैं कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती. वो कहते हैं, "नए विचारों को स्वीकार करने, नए दोस्त बनाने और नई चुनौतियों का सामना करने का कोई वक्त नहीं होता."

संबंधित समाचार