अस्पताल पर कृत्रिम भूकंप का अनोखा प्रयोग

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Image caption पांच मंजिला इमारत को रबर बियरिंग के जरिए भूकंप रोधी बनाने का प्रयोग किया गया.

इंजीनियरों ने कैलिफ़ोर्निया में मेडिकल उपकरणों से भरी एक पांच मंजिला इमारत को ऊंची तीव्रता वाले कृत्रिम भूकंप से कंपाने का एक अनोखा प्रयोग किया है.

ये प्रयोग विशेष रूप से बनाए गए एक अस्पताल पर किया गया जिसे हिलने वाली एक विशाल सतह पर बनाया गया था ताकि भूकंप से होनेवाले कंपन के प्रभाव का अध्ययन किया जा सके.

रबर के बियरिंग पर बने अस्पताल पर किए गए प्रयोग का मकसद ये पता लगाना था कि भूकंप की स्थिति में इसमें इलाज का काम जारी रह सकता है या नहीं.

आमतौर पर भूकंप के झटके का सामना करनेवाले जापान में इस तरह के रबर बियरिंग का प्रयोग सामान्य है.

पचास लाख डॉलर की परियोजना

पचास लाख डॉलर की इस परियोजना में इस बात की भी जांच की गई कि इन रबर बियरिंग्स से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा की जा सकती है या नहीं जैसे कि कंप्यूटर डाटा केंद्र की सुरक्षा ताकि बड़े भूकंप की स्थिति में वो बिना रुकावट काम कर सकें.

अमरीका में ऐसा पहली बार है कि एक पूरी इमारत पर इस तरह की बियरिंग के इस्तेमाल का परीक्षण किया गया.

सैन डिएगो स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की प्रोफेसर तारा हचिंसन का कहना है कि," बियरिंग भूकंप के समय इमारत को कंपन के प्रभाव से बचाती है जैसे कि इमारत को रोलर स्केट्स पर रख दिया गया हो."

उन्होंने कहा अधिकांश शोध में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया है कि भूकंप के बाद इमारत के ढांचे पर क्या असर पड़ता है, इस बात पर बहुत ध्यान दिया गया है कि बड़ी भूकंपीय गतिविधियों के बाद सीढ़ियां, लिफ्ट और इमारत के दूसरे हिस्सों पर क्या प्रभाव पड़ता है.

चौबीस मीटर ऊँची इमारत बची रही

प्रयोग के लिए इमारत में सर्जरी और आईसीयू यानि गहन चिकित्सा कक्ष, कंप्यूटर सर्वर और बिजली के दूसरे उपकरण, सीढ़ियों और लिफ्ट की व्यवस्था की गई.

चौबीस मीटर ऊंची इस इमारत में कंक्रीट और पलस्तर का ठीक उसी तरह इस्तेमाल किया गया जैसा कि व्यावसायिक निर्माण परियोजनाओं में किया जाता है.

इसके अलावा इमारत की छत पर एक बड़ी पानी की टंकी और गर्म और वातानुकूलन संयंत्र भी लगाए गए.

अप्रैल महीने की शुरुआत में किए गए आरंभिक प्रयोग में इमारत को 1994 में लॉस एंजेल्स में 6.7 की तीव्रता के भूकंप और 2010 में चिली में आए 8.8 की तीव्रता के भूकंप के बराबर झटके दिए गए.

इस प्रयोग में इंजीनियरों ने पाया कि रबर बियरिंग की वजह से इमारत भूकंप के विनाशकारी प्रभावों से बची रही.

कंपन के दौरान इमारत की लिफ्ट, सीढ़ियां, मेडिकल उपकरण और दूसरी मशीनें भी सुरक्षित रहीं, हालांकि कुछ मामूली क्षति ज़रूर हुई.

प्रोफेसर हचिंसन ने बताया,''प्रयोग से ये पता चला कि भूकंप के बाद भी इमारत के महत्वपूर्ण हिस्से ठीक तरीके से काम कर रहे हैं.''

इंजीनियरों ने अब इमारत से रबर की बियरिंग को हटा दिया है और अगले कुछ दिनों में प्रोफेसर हचिंसन कृत्रिम भूकंप के जरिए सामान्य इमारत पर पड़नेवाले प्रभाव से इसकी तुलना करेंगी जिससे पता चल सके कि बियरिंग के साथ और उसके बिना इमारत पर भूकंप का क्या असर होता है.

इमारत को भूकंप के प्रभाव से बचानेवाले रबर बियरिंग को लॉस एंजेल्स, ऑकलैंड और सैन फ्रांसिस्को के सिटी भवनों में पहले ही लगा दिया गया है.

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