नेटो ने दिया जरदारी को न्योता

इमेज कॉपीरइट AFP

अमरीका में इस हफ्ते होने वाले नेटो सम्मेलन में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी हिस्सा लें सकते हैं. नेटो की ओर से ये न्योता ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व विचार विमर्श में लगा हुआ है कि क्या अफगानिस्तान तक जाने वाले सप्लाई रूट को नेटो के लिए फिर से खोला जाए या नही.

सोमवार को देर शाम तक इस मुद्दे पर पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्रिमंडल की रक्षा समिति की बैठक प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी की अध्यक्षता में हुई. इसमें सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कियानी, विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर सहित कुछ वरिष्ठ मंत्रियों ने भाग लिया.

बैठक के बाद सूचना मंत्री ने बताया कि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

दरअसल पिछले साल नवंबर में नेटो हैलिकॉप्टरों ने कबायली इलाके मोहमंद ऐजंसी में पाकिस्तानी सैन्य चौकी पर हमला किया था, जिसमें 24 सैनिक मारे गए थे.

उसके बाद पाकिस्तानी सरकार ने अफगानिस्तान में मौजूद नेटो सेना के लिए खाद्य और अन्य सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी. नतीजन पाकिस्तान और अमरीका के संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए थे.

अमरीका और अन्य पश्चमि देशों की ओर से पाकिस्तान पर लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है कि वह नेटो सेना के लिए सामान और अन्य सामग्री पर रोक को हटा दें.

इस सब के बीच सोमवार को पाकिस्तान की

विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने बयान दिया था कि छह महीने तक नेटो को सामान की आपूर्ति बंद करने के बाद अब इसमें ढील देने का वक्त आ गया है.

उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान अफगानिस्तान और वहाँ मौजूद अन्य देशों के लिए कठिनाईयाँ खड़ी करने वाला नहीं बल्कि सहज बनने वाला देश बनना चाहता है.

वहीं अमरीका ने कहा है कि पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान में मौजूद नेटो सेना के लिए सामान की आपूर्ति बहाल करने के लिए पाकिस्तान से बातचीत में काफी प्रगति हुई है.

इसी पृष्ठभूमि में शिकागो में सप्ताहांत में नेटो सम्मेलन हो रहा है जिसमें पाकिस्तान के राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया है.

.

संबंधित समाचार