नेटो सम्मेलन में पाक के शिरकत की संभावना

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Image caption नेटो सेना साल 2014 में अफगानिस्तान से वापस जा रही है.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी इस हफ्ते के आखिर में अमरीका के शिकागो में अफगानिस्तान पर आयोजित हो रहे नेटो सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं.

वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने बीबीसी से कहा है कि आसिफ अली जरदारी शिकागो बैठक में "शामिल हो सकते हैं."

नेटो ने कहा है कि पडो़सी देश अफगानिस्तान के भविष्य निर्माण में पाकिस्तान की अहम भूमिका है.

ये सब एक ऐसे समय हो रहा है जब ऐसे संकेत हैं कि पाकिस्तान ने नवंबर में अफगानिस्तान के लिए इस्तेमाल होनेवाले नेटो सप्लाई रूप पर जो लगाई थी उसे खत्म किया जा सकता है.

नेटो के एक हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत के बाद लगाई गई रोक के कारण हजारों टैंकर क्षेत्र में फंसे पड़े है और नेटो को अपनी सप्लाई के लिए मध्य एशिया के देशों के रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. दूसरा रास्ता लंबा और अधिक खर्चीला है.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि पाकिस्तान को भी शायद ये एहसास हो चुका है कि सप्लाई रूट बंद होने के बाद वो अफगानिस्तान के मामले में अलग-थलग पड़ गया है.

पाकिस्तान को इस महीने के अंत में अपना बजट पेश करना है और उसे अमरीकी आर्थिक मदद की दरकार होगी.

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Image caption नेटो स्पलाई बहाली की संभावना के बयान के बाद पाकिस्तान में विरोध शुरू हो गए हैं.

पाकिस्तान ने बॉन में हुए नेटो सम्मेलन में हिस्सा लेने से मना कर दिया था.

मंत्रिमंडल

पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्रिमंडल की रक्षा समिति की एक बैठक सोमवार को प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी की अध्यक्षता में हुई जिसमें सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कियानी, विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर सहित अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया.

हालांकि बैठक में इस नेटो सप्लाई रास्ता खोले जाने पर कोई निर्णय नहीं जा सका.

पिछले साल हुए हमले और सप्लाई रूट बंद करने के बाद पाकिस्तान ने इस मामले पर अमरीका से बिना शर्त माफी मांगने की शर्त रखी थी. साथ ही पाकिस्तान की संसद ने अमरीका से संबंध के लिए एक दिशा-निर्देश को भी मंजूरी दी थी.

जाहिर है इन सबका असर दोनों देशों के संबंधों पर पड़ा था जो तनावपुर्ण होते गए.

इस बीच हाल में ही पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर का बयान आया कि नेटो आपूर्ति में ढील देने का वक्त आ गया है. अमरीका ने भी इस मामले पर बातचीत और उसमें प्रगति की बात कही.

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