अफ़गानिस्तान के भविष्य पर शिकागो में चर्चा

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Image caption नेटो सैनिकों की वापसी के बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी अफगान सुरक्षा बलों को संभालनी है

अफगानिस्तान के भविष्य पर चर्चा करने के लिए नेटो के सदस्य देशों का रविवार को शिकागो में सम्मेलन शुरू हो रहा है.

दो दिन चलने वाले इस सम्मेलन में अफ़गानिस्तान के मामले में तय किया जाएगा कि अमरीका के वहां से साल 2014 में निकल जाने के बाद अफ़गान सरकार को सुरक्षा और विकास के लिए धन कहां से मुहैया कराया जाएगा.

और इस पर भी चर्चा होनी है कि साल 2014 तक अफ़गानिस्तान में नेटो की फ़ौजें कैसे और किस प्रकार के सुरक्षा ऑपरेशन करेंगी. और किस प्रकार साल 2014 में वहां से फ़ौजों को निकाला जाएगा.

इस सम्मेलन में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी भाग लेंगे.

हालांकि पाकिस्तान नेटो संगठन का सदस्य नहीं है लेकिन उसको नेटो के पाँचवे सम्मेलन में शिरकत के लिए आमंत्रित किया गया था, ताकि अफगानिस्तान के भविष्य में उसकी भूमिका स्पष्ट हो सके.

पाकिस्तान की हिस्सेदारी

Image caption नेटो की आपूर्ति को लेकर पाकिस्तान में आई रुकावटों से परेशानी बढ़ी है

पिछले साल सलाला चेकपोस्ट पर एक अमरीकी हमले में 24 पाकिस्तानी सैंनिकों के मारे जाने के बाद विरोध में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान जाने वाली नेटो की सप्लाई का रास्ता बंद कर दिया था.

उसके बाद इस सम्मेलन में पाकिस्तान के शामिल होने के आसार कम ही लग रह थे. लेकिन हाल में नेटो के महासचिव ने राष्ट्रपति जरदारी को फोन पर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया.

अभी नेटो की आपूर्ति का रास्ता तो नहीं खुला है लेकिन पाकिस्तान और अमरीका के बीच आपूर्ति खुलने पर पाकिस्तान से गुज़रने वाले हर एक टेंकर पर 5 हज़ार डॉलर की रकम पाकिस्तान को दिए जाने के सौदे पर बात हो रही है.

नेटो के इस सम्मेलन में इसी मुद्दे पर अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा और पाकिस्तानी पक्ष के बीच बातचीत होने के आसार हैं.

21 मई तक चलने वासे इस सम्मेलन में अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई और नेटो के 28 सदस्य देश भी भाग ले रहे हैं.

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