एयर इंडिया के 30 और पायलट बर्खास्त हुए

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Image caption मंत्री और पायलट युनियनों के बीच बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई

सोमवार को एयर इंडिया में चल रहे हड़ताल को खत्म करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह और मान्यता प्राप्त दस संगठनों के बीच बातचीत हुई, लेकिन बातचीत का कोई परिणाम नहीं निकल सका.

इस बीच हड़ताल कर रहे एयर इंडिया के 30 और पायलटों को बर्खास्त कर दिया गया, जबकि दो पायलट काम पर लौट आए हैं. इस तरह ‘बीमार’ पायलटों में से अब तक पांच पायलट काम पर लौट आए हैं. सोमवार को एयर इंडिया के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है.

वापस रखने की मांग

बैठक के बाद एयर इंडिया इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव प्रदीप ढ़ोबले ने कहा है कि मान्यता प्राप्त संगठनों ने उड्डयन मंत्री अजीत सिंह से बर्खास्त किए गए सभी 71 पायलटों को वापस काम पर रखने की अपील की है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक नागरिक उड्डयन मंत्री ने हड़ताल कर रहे युनियनों से पायलटों को ‘महाराजा’ के गौरवशाली इतिहास और आर्थिक हालात को सुधारने में मदद करने का आग्रह भी किया है.

सोमवार की इस बैठक में इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) को नहीं बुलाया गया था.

फिर होगी बातचीत

देढ़ घंटे से अधिक चली बैठक के बाद उड्डयन मंत्री अजीत सिंह ने कहा, “मैंने संगठनों के साथ इसलिए बैठक बुलाई थी जिससे कि उनकी बातों को समझ सकूं. आज जिन कठिनाइयों का एयर इंडिया सामना कर रही है, हमने उसके बारे में बातचीत की है.”

अजीत सिंह ने बताया, “हमने युनियनों से कहा है कि वे एयर इंडिया के आर्थिक हालात और भविष्य को ध्यान में रखकर तत्काल कदम उठाएं.”

बैठक के बाद युनियनों की तरफ से एक बयान जारी कर बताया गया कि बातचीत में हड़ताली पायलटों पर भी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने मंत्री से अपील की कि इस संकट का तत्काल समाधान निकालें, क्योंकि अभी छुट्टी शुरु हो गयी है. और लोग घर से निकलकर बाहर जा रहे हैं.ऐसे समय में यह हड़ताल एयर इंडिया के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है.“

'बकाया भुगतान अभी नहीं'

युनियन ने अपने बयान में आगे कहा कि मंत्री ने कहा है कि उनके दरवाजे बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं.

युनियन ने जारी बयान में कहा है कि उड्डयन मंत्री ने बोईंग 787 का हवाला देते हुए कहा कि इस विमान से हमारा कायाकल्प हो सकता है, लेकिन जिस समय हड़ताल हुआ, उससे एयर इंडिया को काफी नुकसान हुआ है.

इसलिए एयर इंडिया के लिए यह संभव नहीं है कि वो जून के अंत तक बकाया भुगतान करने की स्थिति में नहीं रह पाया है.

एयर इंडिया में चल रहे हड़ताल से उसे पिछले दो हफ्ते में कम से कम दो सौ करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.

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