जैकब जूमा की 'अश्लील' पेंटिंग पर हमला

Image caption जोहानसबर्ग में जैकब ज़ुमा की पेंटिंग पर दो लोगों ने पेंट लगा दिया

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा का लिंग दिखानेवाली एक विवादास्पद पेंटिंग को कुछ लोगों ने बदरंग कर दिया है.

जोहानसबर्ग की एक आर्ट गैलरी में प्रदर्शित इस पेंटिंग पर दो लोगों ने लाल और काला पेंट फेंक दिया है.

ये घटना ऐसे समय हुई है जब दक्षिण अफ्रीका की सत्ताधारी पार्टी, अफ्रीकी नेशनल कॉंग्रेस, ने इस पेंटिंग को हटवाने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाई है.

14,000 डॉलर की, सोवियत शैली की, 1.85 मीटर लंबी पेंटिंग पहले ही बिक चुकी है.

द स्पीयर नामक ये पेंटिंग ब्रेट मरे ने बनाई है जो अपने राजनीतिक और भड़काऊ कामों के लिए जाने जाते हैं.

एजेंसियों के अनुसार स्थानीय टीवी चैनल पर सूट पहने एक व्यक्ति को पेंटिंग में राष्ट्रपति के जननेंद्रिय वाले हिस्से और चेहरे पर पेंट करते हुए दिखाया गया है.

थोड़ी देर बाद एक और व्यक्ति ने पेंटिंग पर हाथ से काला पेंट पोत दिया.

गैलरी में मौजूद बीबीसी संवाददाता एंड्रयू हार्डिंग ने बताया कि इस घटना के बाद सुरक्षा गार्डों ने उनको पकड़ने की कोशिश की.

इनमें से एक व्यक्ति ने बीबीसी संवाददाता से कहा,"मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि ये पेंटिंग राष्ट्रपति ज़ुमा का अनादर करती है."

आपत्ति

अफ्रीकी नेशनल कॉंग्रेस ने इस पेंटिंग को असभ्य और अपमानजनक बताया है.

इससे पहले भारी संख्या में जैकब जूमा की पार्टी के समर्थक जोहानसबर्ग में उस अदालत के बाहर जमा हो गए थे जहाँ पेंटिंग को हटाने की एएनसी की अपील पर सुनवाई हो रही थी.

अदालत ने इस बारे में गुरूवार को सुनवाई करने का फैसला किया.

जोहानसबर्ग की गुडमैन गैलरी में इस पेंटिंग की प्रदर्शनी इस महीने शुरू हुई थी जिसे 16 जून तक चलना था.

एएनसी ने एक अखबार, सिटी प्रेस, से भी उनकी वेबसाइट से इस पेंटिंग को हटाने की माँग की है.

जैकब जूमा की तरफ से अखबार को भेजे गए शपथ पत्र में उन्होंने लिखा है कि वे इस पेंटिंग से स्तब्ध हैं.

एक दक्षिणी अफ्रीकी अखबार में प्रकाशित उनके इस शपथ पत्र में उन्होंने लिखा है,"इसमें मुझे ऐसा दिखाया गया है जैसे कि मैं बदचलन हूँ, औरतबाज हूँ और जिसका कोई सम्मान नहीं."

चार पत्नियों वाले राष्ट्रपति जूमा स्थानीय मीडिया को 11 बार अपनी अवमानना का नोटिस भेज चुके हैं जिनमें कुछ का निपटारा हो चुका है तो कुछ वापस ले लिए गए, मगर अधिकतर अभी भी कायम हैं.

इनमें सबसे चर्चित मुकदमा 2008 का है जब उन्होंने देश के एक बड़े कलाकार की पेटिंग पर नोटिस भेजा जिसमें कि उन्हें न्याय को दर्शाती एक महिला आकृति का बलात्कार करने के लिए तैयार दिखाया गया था. इस मामले की सुनवाई अक्तूबर में होनी है.

इससे पहले जैकब जूमा को 2006 में एक पारिवारिक मित्र के साथ बलात्कार के एक मामले में बरी किया गया था.

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