भाजपा सम्मेलन में मोदी के आने पर संदेह

नरेंद्र मोदी के मुंबई आने पर सवाल इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption मोदी और गडकरी की अनबन जारी

गुरुवार से मुंबई में शुरू हो रही भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नरेंद्र मोदी और येदूयुरप्पा के भाग लेने पर बड़ा सवाल लगा हुआ है.

नरेंद्र मोदी को मनाने के लिए पार्टी में उनके सबसे बड़े खैरख्वाह अरुण जेटली को लगाया गया था लेकिन इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि उनकी कोशिशें रंग लाई आई हैं.

मोदी की यह बेरुखी उनके और पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के बीच चल रहे शीत युद्ध को नए सिरे से हवा दे सकती है. हांलाकि पार्टी की तरफ से कहा जा रहा है कि जिन लोगों को न्योता भेजा गया है वह सभी आ रहे हैं लेकिन गाँधी नगर से इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि मोदी मुंबई जा रहे हैं.

नरेंद्र मोदी ने पिछली बार दिल्ली में हुई राष्ट्रीय बैठक में इस लिए भाग नहीं लिया था क्योंकि वह गडकरी द्वारा उत्तर प्रदेश चुनाव अभियान में संजय जोशी को शामिल किया जाना उनको नागवार गुजरा था.

वह इस हद तक नाराज थे कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के चुनाव अभियान तक में हिस्सा नहीं लिया था.

संजय जोशी की मौजूदगी मुख्य कारण

मोदी के करीबी सूत्रों का कहना है कि मोदी इस बार मुंबई इस लिए नहीं जा रहे हैं क्योंकि संजय जोशी भी वहाँ मौजूद रहेंगे. साथ ही उन्हें संदेह है कि उनके दिल्ली के 'दुश्मनों' ने जान बूझ कर विधान सभा चुनाव से पहले उनको तंग करने के लिए केशु भाई पटेल को सामने किया है.

जोशी राष्ट्रीय कार्य कारिणी के सदस्य नहीं हैं और न ही वह विशेष आमंत्रित सदस्यों की श्रेणी मे आते हैं लेकिन इसके बावजूद गडकरी ने उन्हें आमंत्रित किया है.

पार्टी में अपनी उपेक्षा से नाराज येदूयुरप्पा पहले ही कह चुके हैं कि वह मुंबई नहीं जाएंगे. दूसरी तरफ तीन सालों से राष्ट्रीय कार्यकारिणी से गैर हाजिर रह रहे केशु भाई इस बार मुंबई जा रहे हैं.

इस बार की बैठक में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी के संविधान में संशोधन किया जा सकता है ताकि पार्टी अध्यक्ष गडकरी को अगले तीन सालों के लिए दूसरी बार पार्टी अध्यक्ष बनाया जा सके.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने प्रत्याशी का एलान कर सकता है.

बैठक में पार्टी के भीतर उठ रहे मतभेदों पर भी चर्चा होना लाजिमी है. नरेंद्र मोदी और येदूयुरप्पा तो खफा हैं ही वसुंधरा राजे भी पार्टी के दूसरे नेता गुलाब चंद कटारिया से नाराज चल रही हैं.

संबंधित समाचार