न्यूयॉर्क में रजत गुप्ता के खिलाफ मुकद्दमा शुरू

रजत गुप्ता
Image caption रजत गुप्ता पर शेयर निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने और षड़यंत्र रचने के आरोप हैं

न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के रजत गुप्ता के खिलाफ शेयर निवेश नियमों के उल्लंघन के आपराधिक मामले में मुकद्दमा शुरू हो गया है.

रजत गुप्ता पर शेयर निवेश मामलों में धोखाधड़ी करने और षड़यंत्र रचने के कुल पांच आरोप हैं.

मंगलवार को कार्रवाई के दौरान रजत गुप्ता अपने परिवार समेत अदालत में मौजूद थे.

रजत गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने श्रीलंकाई मूल के अरबपति हेज फ़ंड मैनेजर राज राजारत्नम को गैर कानूनी तौर पर गोल्डमैन सैक्स और वर्कशेयर जैसी कंपनियों की खुफ़िया जानकारी दी. रजत गुप्ता उस समय इन कंपनियों के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में शामिल थे.

राज राजारत्नम पहले ही भेदिया कारोबार के दोषी करार दिए जा चुके हैं और उन्हे 11 साल कैद की सजा सुनाई गई है.

क्या हुआ अदालत में

संघीय अदालत में मुकद्दमे के दूसरे दिन सरकारी गवाहों को पेश किया गया. सबसे पहले राज राजारत्नम की पूर्व सेक्रेट्री केरिन आशनबर्ग को गवाही के लिए बुलाया गया.

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने राजारत्नम के दफ्तर में नौकरी की तो उन्हें पांच नामों की एक सूचि दी गई जिसमें रजत गुप्ता का भी नाम था. उनसे कहा गया था कि इन लोगों के फोन कभी भी आएं तो उसे फौरन राजारत्नम तक पहुंचाया जाए.

इनमें से दो नाम ऐसे हैं जिनको शेयर निवेश मामले में धोखाधड़ी करने के जुर्म में कैद हो चुकी है.

संघीय अदालत में सोमवार को पहले दिन सरकारी वकील और बचाव पक्ष के वकीलों ने मुकद्दमें में अपने शुरूआती बयान पेश किए.

सरकारी वकील रीड ब्रोड्सकी ने कहा,“रजत गुप्ता बड़ी सलाहियतों के मालिक हैं लेकिन इनका एक और चेहरा भी है जो सबकी नजरों से छुपा हुआ था. इन्होंने अपनी ज़िम्मेदारियों को एक तरफ़ रखकर चोरी छुपे कंपनियों के राज और इन कंपनियों के व्यापार की गुप्त बातें गैरकानूनी तरीके से हेज फंड मैनेजर राजारत्नम को बताईं.”

फोनवार्ता

सरकारी वकीलों की योजना है कि वह अदालत में एफबीआई द्वारा गुप्त रूप से रिकार्ड की गई वह फोनवार्ता की रिकार्डिंग भी सुनावएंगे जिसमें राजारत्नम को कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि उन्हें एक दोस्त ने कुछ अहम जानकारियां दी हैं.

सरकारी पक्ष का कहना है कि वह रजत गुप्ता के बारे में ही बात कर रहा था.

लेकिन बचाव पक्ष के वकील गैरी नफ़्तालिस ने अपने बयान के दौरान सरकार वकील के आरोपों को नकारते हुए कहा, “हमारे देश का कानून किसी को भी किसी व्यक्ति के साथ दोस्ती करने भर से मुजरिम नहीं मान लेता. सरकारी वकील सुनी सुनाई बातों के आधार पर आरोप लगा रहे हैं. हमें पुख्ता सबूत चाहिए, पुख्ता सबूत.”

आरोप

रजत गुप्ता पर आरोप हैं कि उन्होंने 2008 में आर्थिक मंदी के दौर की शुरूआत के समय राजारत्नम को कथित तौर पर यह बताया था कि गोल्डमैन सैक्स कंपनी को 2008 के आखिर में नुकसान होगा. इस सूचना के आधार पर राजारत्नम ने शेयर बाजार में मुनाफ़ा कमाया.

इसी प्रकार वॉरेन बफेट की कंपनी बर्कशेयर के बारे में भी सूचना दी गई कि वह गोल्डमैन सैक्स में पैसे लगाने वाली है.

अभी इस मुकदद्में में गोल्डमैन सैक्स और प्राक्टर एंड गैंबल जैसी कंपनियों के कई बड़े अधिकारियों के भी गवाह की हैसियत से पेश होने की उम्मीद है.

62 वर्ष के रजत गुप्ता खुद भी गोल्डमैन सैक्स और प्राक्टर एंड गैंबल के पूर्व निदेशक के अलावा मैंकिंजी एंड कंपनी के प्रमुख रह चुके हैं.

पिछले साल अक्तूबर में उन्हे गिरफ़्तार किया गया था.

अगर रजत गुप्ता दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें सौ साल की कैद के साथ-साथ उन पर ढाई करोड़ डॉलर का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

इस बीच रजत गुप्ता के समर्थन में एक वेबसाईट भी शुरू की गई है जहां उनके बहुत से दोस्त उनके बारे में अपनी टिप्पणियां लिख रहे हैं.

इनमें व्यापार जगत के साथ साथ दीपक चोपड़ा जैसे अन्य क्षेत्रों के लोग भी शामिल हैं.

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